गाजियाबाद
लालबाग के कीकर जंगलों में आग से राख हुई हरियाली पर उठे सवाल।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी के लालबाग क्षेत्र में कीकर के जंगलों में लगी आग के बाद दूर-दूर तक फैली राख और सुलगती घास से वन विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। कई बीघा भूमि आग की चपेट में आकर काली राख में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वन विभाग की उदासीनता और प्रशासनिक लापरवाही के चलते समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। लोगों ने इस मामले की शिकायत जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजने की चेतावनी दी है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार लालबाग क्षेत्र के जंगलों और आसपास पड़े कूड़े के ढेरों में आग लगने की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि सूचना देने के बावजूद भी वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर समय से नहीं पहुंचते। भीषण गर्मी के दौरान, जब आग लगने की आशंका सबसे अधिक रहती है, तब भी विभाग की ओर से न तो सक्रिय निगरानी की जाती है और न ही कोई ठोस इंतजाम दिखाई देते हैं।
कुछ दिन पहले जंगल में लगी आग को लोग विभागीय लापरवाही का ताजा उदाहरण बता रहे हैं। उनका कहना है कि आग ने न केवल वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा कर दिया। क्षेत्रवासियों के मुताबिक जंगल क्षेत्र में अक्सर कोई वन रक्षक तैनात नहीं रहता, जिसके चलते छोटी आग भी विकराल रूप धारण कर लेती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मई 2026 की शुरुआत में गर्मी और पराली जलाने की घटनाओं के चलते कई जिलों में आग लगने की खबरें सामने आई थीं। इसके बावजूद लोनी क्षेत्र में हुई हालिया घटनाओं पर वन विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई है। इसी को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।




