पाकुड़ में सियार के हमले से मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
Villagers in Pakur are terrified after an innocent child dies from a jackal attack, with the forest department accused of negligence.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। जिले के सदर प्रखण्ड के पंचायत तारानगर स्थित लखीनारायणपुर गांव में जंगली सियार के हमले से एक मासूम बच्ची की मौत के बाद भी वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना शुक्रवार देर रात को हुई थी, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। साथ ही पीड़ित परिवार को वन विभाग की ओर से न तो मुआवजा मिला है और न ही किसी प्रकार की सहायता प्रदान की गई है। मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं लखीनारायणपुर समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे का फायदा उठाकर जंगली जानवर/ सियार फिर किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले। बताया जा रहा है कि एक तीन माह की बच्ची को सियार ने अपना शिकार बनाया था। इसके बाद उसी रात सियार दूसरी बच्ची पर भी हमला करने पहुंच गया, लेकिन परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वह भाग निकला। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते परिवार के लोग नहीं जागते तो दूसरी बच्ची की जान भी जा सकती थी। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। क्षेत्र के उभरता हुआ भाजपा युवा नेत्री मिसफीका हसन ने वन विभाग की निष्क्रियता पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद विभाग अब तक मौन बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आगे की रणनीति तय करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं मिसफीका हसन ने बताया कि ग्रामीण आज डीएफओ पाकुड़ से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि संतोषजनक कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित सहायता नहीं मिली तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आन्दोलन की रूपरेखा तैयार की जायेगी, ताकि पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से उचित सहयोग और सुरक्षा मिल सके। वहीं आपको बता दें सूचना मिलते ही पाकुड़ मुफस्सिल थाना पुलिस ने घटनास्थल स्थल का निरीक्षण/ मुआयना किया था और परिवार को स्वांतना दी थी।



