बागपत
भीषण हिट वेव और बढ़ती गर्मी में दांतों की देखभाल बनी बड़ी चुनौती
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ मेहा सिंह ने बताए दांतों को सुरक्षित रखने के प्रभावी उपाय

“लापरवाही बनी तो कम उम्र में ही कमजोर हो सकते हैं दांत”
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हिट वेव ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान कई स्थानों पर 45 डिग्री से ऊपर पहुंच रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और शरीर में पानी की कमी लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही हैं। आमतौर पर लोग गर्मी में शरीर, त्वचा और पेट से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान देते हैं, लेकिन दांतों और मुंह की देखभाल को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जबकि विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी का सीधा प्रभाव दांतों, मसूड़ों और मुंह की सेहत पर भी पड़ता है।
इसी विषय पर मिथन नर्सिंग होम, निकट छपरौली चुंगी बड़ौत की प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डॉ मेहा सिंह पुत्री स्वर्गीय डॉ दिलावर सिंह ने संवाददाता सुरेंद्र मलानिया के साथ विस्तृत बातचीत में गर्मी के मौसम में दांतों की विशेष देखभाल को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
डॉ मेहा सिंह ने कहा कि गर्मियों में सबसे बड़ी समस्या शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की होती है। जब शरीर में पानी कम होता है तो मुंह में लार बनना भी कम हो जाता है। लार हमारे मुंह की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली होती है जो बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद करती है। लेकिन जब मुंह सूखने लगता है तो बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं और दांतों में सड़न, मसूड़ों में संक्रमण तथा मुंह से बदबू जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में युवा और बच्चे ठंडी चीजों का अत्यधिक सेवन कर रहे हैं। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, बर्फ वाला पानी, फ्रिज में रखे पेय पदार्थ और अत्यधिक मीठे शर्बत दांतों के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रहे हैं। कई लोग तेज गर्मी से राहत पाने के लिए बार-बार बर्फ खाते हैं, जिससे दांतों की ऊपरी परत यानी इनेमल कमजोर होने लगता है। इसके कारण दांतों में झनझनाहट, दर्द और संवेदनशीलता बढ़ जाती है।
डॉ मेहा सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को ठंडा या गर्म खाने पर अचानक दांतों में तेज दर्द महसूस हो तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह दांतों के खराब होने या नसों तक संक्रमण पहुंचने का संकेत हो सकता है। समय रहते इलाज न कराने पर रूट कैनाल जैसी गंभीर प्रक्रिया की आवश्यकता पड़ सकती है।
उन्होंने बच्चों को लेकर विशेष चिंता जताते हुए कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे दिनभर चॉकलेट, टॉफी, कैंडी, आइसक्रीम और मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते रहते हैं। इसके बाद सही तरीके से ब्रश नहीं करने पर दांतों में कीड़े लगना शुरू हो जाते हैं। कई बार माता-पिता बच्चों के दूध के दांतों को महत्व नहीं देते, जबकि यही दांत आगे स्थायी दांतों की स्थिति को प्रभावित करते हैं।
डॉ मेहा सिंह ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सुबह और रात में ब्रश करने की आदत डालनी चाहिए। रात में खाना खाने के बाद बिना ब्रश किए सोना दांतों के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है। मीठे पदार्थों के कण रातभर दांतों में चिपके रहते हैं जिससे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं।
मसूड़ों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि गर्मियों में विटामिन और पानी की कमी के कारण मसूड़ों में सूजन, दर्द और खून आने की समस्या बढ़ जाती है। कई लोग इसे मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह पायरिया जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआत भी हो सकती है। यदि मसूड़ों से लगातार खून आए, मुंह से दुर्गंध आए या दांत हिलने लगें तो तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
डॉ मेहा सिंह ने यह भी कहा कि तंबाकू, गुटखा, बीड़ी और सिगरेट का सेवन गर्मी में और अधिक नुकसान पहुंचाता है। इससे मुंह का सूखापन बढ़ता है और मुंह के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं से नशे की आदतों से दूर रहने की अपील की।
उन्होंने सलाह दी कि गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। साथ ही नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, मौसमी फल और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। यह शरीर को ठंडक देने के साथ मसूड़ों को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं।
डॉ मेहा सिंह ने कहा कि सही तरीके से ब्रश करना भी बहुत जरूरी है। कई लोग तेजी से और गलत दिशा में ब्रश करते हैं जिससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। हमेशा मुलायम ब्रश का उपयोग करना चाहिए और हर तीन महीने में ब्रश बदल देना चाहिए। इसके अलावा जीभ की सफाई और नियमित कुल्ला भी मुंह को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अत्यधिक गर्मी में बाहर निकलने पर मुंह को सूखने न दें। लंबे समय तक खाली पेट रहने से भी मुंह में बैक्टीरिया बढ़ते हैं। इसलिए हल्का और संतुलित भोजन लेते रहना चाहिए।
संवाददाता सुरेंद्र मलानिया से विशेष बातचीत में डॉ मेहा सिंह ने कहा कि “लोग अक्सर दांतों की समस्याओं को तब तक गंभीरता से नहीं लेते जब तक दर्द असहनीय न हो जाए। लेकिन दांत हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। थोड़ी सी सावधानी और नियमित सफाई अपनाकर हम लंबे समय तक अपने दांतों को सुरक्षित और मजबूत रख सकते हैं।”
उन्होंने अंत में जनता से अपील करते हुए कहा कि हिट वेव और बढ़ती गर्मी के इस दौर में शरीर के साथ-साथ दांतों और मुंह की स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें। नियमित जांच, सही खानपान और साफ-सफाई अपनाकर गंभीर दंत रोगों से बचा जा सकता है।



