बागपत

भीषण हिट वेव में बच्चों का रखें विशेष ध्यान, लापरवाही पड़ सकती है भारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत : डॉ. अभिनव तोमर ने अभिभावकों को दिए जरूरी स्वास्थ्य सुझाव
बढ़ती गर्मी और लगातार चल रही भीषण हिट वेव ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान लगातार 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है, जिससे सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को बना हुआ है। ऐसे मौसम में बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।
इसी विषय पर बड़ौत स्थित मूर्ति नर्सिंग होम एवं आस्था मल्टीस्पेशियल हॉस्पिटल के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव तोमर ने संवाददाता सुरेंद्र मलानिया से विशेष बातचीत में बच्चों को हिट वेव से बचाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
डॉ. अभिनव तोमर ने बताया कि गर्मी के मौसम में बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में अधिक संवेदनशील होता है। छोटे बच्चों के शरीर में पानी की मात्रा तेजी से कम होती है, जिसके कारण डिहाइड्रेशन, तेज बुखार, उल्टी-दस्त, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए तो स्थिति जानलेवा भी बन सकती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक का समय सबसे अधिक खतरनाक है। इस दौरान बच्चों को घर से बाहर निकालने से बचना चाहिए। यदि किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो बच्चे को सिर ढककर, हल्के सूती कपड़े पहनाकर और पानी पिलाकर ही बाहर ले जाएं।
डॉ. तोमर के अनुसार गर्मी में बच्चों को बार-बार पानी पिलाना बेहद जरूरी है। केवल प्यास लगने का इंतजार नहीं करना चाहिए। छोटे बच्चों को ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन कराया जाना चाहिए। बाजार में मिलने वाले अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थ, रंगीन ड्रिंक और जंक फूड बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कई अभिभावक बच्चों को तेज धूप में खेलने देते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गर्म जमीन और लू का असर बच्चों के शरीर पर बहुत तेजी से पड़ता है। इससे बच्चा अचानक बेहोश भी हो सकता है। बच्चों को सुबह या शाम के समय ही खेलने दें और पर्याप्त पानी अवश्य पिलाएं।
बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि हिट वेव के दौरान बच्चों में कुछ विशेष लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जैसे —
शरीर का अत्यधिक गर्म होना
तेज बुखार
बार-बार उल्टी होना
बच्चा सुस्त या बेहोश लगना
लगातार रोना या चिड़चिड़ापन
सांस लेने में परेशानी
पेशाब कम आना
उन्होंने कहा कि यह लक्षण हीट स्ट्रोक या शरीर में पानी की गंभीर कमी के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
डॉ. अभिनव तोमर ने नवजात शिशुओं को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को बंद और गर्म कमरों में बिल्कुल न रखें। कमरे में पर्याप्त हवा का इंतजाम होना चाहिए। यदि कूलर या पंखा चला रहे हैं तो बच्चे को सीधे ठंडी हवा में न लिटाएं।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। दूषित पानी और बाहर का खुला भोजन बच्चों में संक्रमण तेजी से फैलाता है। इसलिए घर का ताजा और हल्का भोजन ही बच्चों को देना चाहिए। कटे हुए फल, बासी खाना और सड़क किनारे मिलने वाली चीजों से बचना चाहिए।
संवाददाता सुरेंद्र मलानिया से बातचीत में डॉ. तोमर ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी बच्चों को बड़ी बीमारी से बचा सकती है। गर्मी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। बच्चों की देखभाल, सही खानपान और समय पर चिकित्सा ही इस भीषण हिट वेव से सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
उन्होंने अंत में कहा कि वर्तमान मौसम में हर माता-पिता को बच्चों की दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पर्याप्त पानी, पौष्टिक भोजन, साफ-सफाई और धूप से बचाव अपनाकर बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है। गर्मी के इस कठिन दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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