बागपत
पवित्र विचार अपनाएं बेटियां : रवि शास्त्री
संस्कारित और जागरूक बेटियां ही बना सकती हैं भारत को पुनः विश्व गुरु

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत की ओर से आगामी 4 जून से चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक School में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर की तैयारियों को लेकर जय पार्वती ग्लोबल स्कूल में एक दिवसीय विचार कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सकारात्मक विचारधारा का विकास करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभा मंत्री रवि शास्त्री ने कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं। यदि उनके विचार पवित्र, सकारात्मक और संस्कारित होंगे तो परिवार, समाज और देश का भविष्य स्वतः उज्ज्वल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विचार मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा तय करते हैं। जैसे स्वच्छ जल जीवनदायी होता है और गंदा जल बीमारी फैलाता है, उसी प्रकार अच्छे विचार व्यक्ति को महान बनाते हैं जबकि बुरे विचार पतन की ओर ले जाते हैं।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया, आधुनिकता और पाश्चात्य प्रभाव के बीच भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बचाए रखना अत्यंत आवश्यक है। बेटियों को चाहिए कि वे अपने जीवन में अनुशासन, मर्यादा, सेवा, त्याग और संस्कारों को स्थान दें। पवित्र विचार व्यक्ति की वाणी, व्यवहार और चरित्र को श्रेष्ठ बनाते हैं। जिन युवाओं के विचार श्रेष्ठ होते हैं, वही आगे चलकर समाज का नेतृत्व करते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रवि शास्त्री ने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, राजनीति और सेना सहित प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। भारत की प्राचीन संस्कृति में नारी को शक्ति, ज्ञान और संस्कार का प्रतीक माना गया है। यदि वर्तमान पीढ़ी की बेटियां भारतीय संस्कृति और वैदिक विचारधारा को आत्मसात करें तो भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि संस्कारित बेटियां ही मजबूत परिवार और सशक्त समाज की नींव होती हैं।
कार्यशाला में छात्राओं को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, नशे और गलत संगति से दूर रहने तथा शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है, क्योंकि बिना संस्कार के शिक्षा अधूरी मानी जाती है।
संस्कार शिविर के प्रचार-प्रसार और जनजागरण अभियान के अंतर्गत कार्यकर्ताओं द्वारा महर्षि दयानंद विद्यापीठ, चेतना इंटर कॉलेज किशनपुर बिराल सहित लूम्ब, तुगाना, बासोली और बावली आदि गांवों में व्यापक जनसंपर्क किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों और छात्राओं को शिविर के उद्देश्यों तथा महत्व की जानकारी दी गई। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी बताया।
इस अवसर पर सहेन्द्र सिंह, प्रधानाचार्या दीपा चौधरी, प्रबंधक जयवीर सिंह, ओमपाल सिंह, धर्मपाल त्यागी, कपिल आर्य, जावेद, सविता, मीनाक्षी, पायल, अंकुश जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वैदिक विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में बेटियों की भूमिका पर सामूहिक चर्चा के साथ



