बागपत

संस्कार, आत्मरक्षा और राष्ट्रभाव से सशक्त बनें बेटियां : पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

आर्य वीरांगना शिविर में युवाओं को मोबाइल की लत से दूर रहकर संस्कृति और राष्ट्रसेवा से जुड़ने का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। डिवाइन ग्लोबल एकेडमी में राष्ट्रीय आर्य वीर दल द्वारा आयोजित सात दिवसीय आवासीय “आर्य वीरांगना योग एवं चरित्र निर्माण शिविर” के तीसरे दिन राष्ट्रभक्ति, वैदिक संस्कार, आत्मरक्षा और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष बल दिया गया। शिविर में बेटियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना से ओत-प्रोत करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण और बौद्धिक सत्र आयोजित किए गए।
तीसरे दिन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ और प्रार्थना के साथ हुई। इसके पश्चात बालिकाओं ने सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, पीटी तथा कदमताल का अभ्यास किया। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के अंतर्गत लाठी संचालन, तलवार चलाने और अन्य सुरक्षा संबंधी अभ्यास भी कराए गए।
विशेष बौद्धिक सत्र में प्रखर वक्ता पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने वीरांगनाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा वर्ग मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग में अपना अमूल्य समय और ऊर्जा नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग सीमित और सकारात्मक उद्देश्य के लिए होना चाहिए, क्योंकि इसका अनावश्यक प्रयोग युवाओं की एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का भविष्य संस्कारित, अनुशासित और जागरूक युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। बेटियों को भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और राष्ट्रवाद की भावना को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके प्रेरणादायक विचारों से शिविरार्थियों में उत्साह और जागरूकता का वातावरण दिखाई दिया।
शिविर संयोजक आचार्य धर्मवीर आर्य ने कहा कि शिविर का उद्देश्य केवल शारीरिक प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि बेटियों को मानसिक रूप से मजबूत, सांस्कृतिक रूप से जागरूक और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित बनाना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों का आत्मरक्षा के साथ वैचारिक रूप से भी सशक्त होना आवश्यक है।
बौद्धिक सत्रों में भारतीय संस्कृति, वैदिक आदर्शों, नारी शक्ति, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति और अनुशासित जीवन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बालिकाओं को लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का महत्व भी बताया।
राष्ट्रीय आर्य वीर दल की प्रधान शिक्षिका सुमेधा आर्या के मार्गदर्शन में शिक्षिकाओं स्वाति आर्य, समीक्षा, सृष्टि, परी और तनु ने विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों का संचालन किया। वहीं संपूर्ण शिविर का संचालन राजेश उज्जवल एवं ऋतु आर्य के सानिध्य में किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में योग, प्राणायाम, वैदिक संस्कार, नेतृत्व क्षमता विकास और व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। शिविर का वातावरण राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया।
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