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अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर दिलीप घोष का पलटवार

बीजेपी मारती तो नामोनिशान नहीं मिलता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके जवाब में भाजपा नेता दिलीप घोष ने तीखा बयान दिया। उन्होंने टीएमसी पर हिंसा की राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। आइए, विस्तार से समझते हैं…
दिलीप घोष ने क्या कहा?
दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी भाजरा पर हमला करवाने और उन्हें खत्म करने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अगर भाजपा वास्तव में ऐसा करना चाहती तो 15 दिन नहीं लगते। टीएमसी का नामोनिशान नहीं मिलता। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद भी कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही है और पार्टी किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी।
दिलीप घोष ने अपने बयान में टीएमसी पर राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में 40 हजार लोगों की हत्या हुई है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने टीएमसी शासन के दौरान हिंसा झेली है। अब लोग जवाब चाहते हैं। घोष ने यह भी कहा कि टीएमसी के अपने नेताओं की हत्या के मामलों में भी पार्टी नेताओं ने सीबीाई जांच की मांग की थी क्योंकि उन्हें राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं था।
अभिषेक बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि उन पर हुए हमले के पीछे भाजपा का हाथ है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी दल उनके नेताओं को निशाना बना रहे हैं और प्रशासन सुरक्षा देने में विफल रहा है। ममता ने भी भाजपा पर कई आरोप लगाए। शनिवार को उन्होंने मीडिय से बात करते हुए कहा भी था कि भाजपा अस्पताल और डॉक्टरों पर भी दबाव बना रही है कि अभिषेक बनर्जी का इलाज न हो पाए। इस मुद्दे को लेकर बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।
अधीर रंजन चौधरी ने प्रशासन पर क्यों उठाए सवाल?
मुर्शिदाबाद में इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी राज्य प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब कोई सांसद किसी इलाके के दौरे पर जाता है और पुलिस को पहले से सूचना दी जाती है, तब उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने अकेले जा रहे थे और उन पर अंडे फेंके गए, जबकि वहां पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि किसी भी दल के सांसद, विधायक या राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमला लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा भी वही राजनीति करेगी, जिसका आरोप वह टीएमसी पर लगाती रही है, तो परिवर्तन का क्या मतलब रह जाएगा।

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