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शुभेंदु सरकार के खिलाफ ममता का धरना

बोलीं- भाजपा ने 177 सीटों पर की धांधली, कार्यकतार्ओं को रोक रही पुलिस

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सियासी उबाल के संकेत हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गत दिनों तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई मारपीट के मामले में पूर्व सीएम ममता बनर्जी, पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कई ळटउ नेताओं के साथ विरोध-प्रदर्शन करने पहुंचीं हैं। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 177 सीटों पर धांधली की है और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। बंगाल के इस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़े तमाम अपडेट्स इस खबर में जानिए…
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 15 साल के बाद सत्ता से बेदखल हुई है। 15 साल बाद तृणमूल को उखाड़ फेंकने वाली भाजपा आत्मविश्वास से लबरेज है। तृणमूल कांग्रेस इस करारी हार के बाद चुनाव में धांधली के आरोप लगा रही है। दोनों दलों के आक्रामक तेवरों के बीच आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विरोध-प्रदर्शन का एलान किया। टीएमसी की तरफ से हुए इस हल्लाबोल के बीच भाजपा ने सोनारपुर में हुई मारपीट और हिंसा के मामले में तृणमूल को घेरा है। भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि उनके दल पर तृणमूल के ऐसे राजनीतिक हथकंडों का कोई असर नहीं पड़ेगा।
सीएम ममता ने अपने धरने पर क्या कहा?
भाजपा ने 294 में से 177 विधानसभा सीटों पर मतगणना में धांधली की।
पुलिस ने धरने की अनुमति नहीं दी, फिर भी प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
विरोध और धरना जारी रहेगा, चाहे कितनी भी रोक लगाने की कोशिश की जाए।
कठिन समय में टीएमसी कार्यकतार्ओं का साथ नहीं छोड़ूंगी।
कार्यकतार्ओं को धमकाया जा रहा है और कई जगह हिरासत में लिया जा रहा है।
पुलिस टीएमसी कार्यकतार्ओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करती रही है।
मेरी सरकार हमेशा मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करती रही है।
बिना पुनर्वास के फेरीवालों को हटाना हमारी सरकार की नीति नहीं थी।
कल्याण बनर्जी ने क्या-क्या आरोप लगाए?
कोलकाता में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि आने वाले दिनों में और बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त और पुलिस अधिकारियों से कहा कि उनका वेतन जनता के टैक्स के पैसे से दिया जाता है और उन्हें संविधान तथा कानून के मुताबिक अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी शांतिनिकेतन से पैसा लाकर पुलिस का वेतन नहीं देते हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को याद दिलाया कि समय हमेशा बदलता रहता है, इसलिए सभी को अपनी ड्यूटी निष्पक्ष तरीके से करनी चाहिए। टीएमसी नेता के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि 29 मई को ही प्रशासन को 2 जून के धरना प्रदर्शन की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन कोलकाता पुलिस ने आखिरी समय तक कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि देर रात अनुमति मिलने के कारण प्रदर्शन स्थल पर साउंड सिस्टम और स्पीकर नहीं लगाए जा सके। टीएमसी ने इसे प्रशासन की जानबूझकर की गई देरी बताया है।
कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में पार्टी कार्यकतार्ओं और समर्थकों के खिलाफ लगातार हिंसा और कार्रवाई की जा रही है। पार्टी की ओर से कहा गया कि अब तक 25 से 30 कार्यकतार्ओं की हत्या हो चुकी है, जबकि 5,000 से 8,000 समर्थकों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। टीएमसी का दावा है कि करीब 3,000 घरों को भी तोड़ दिया गया है।
उन्होंंने यह भी आरोप लगाया कि जहां भी पार्टी के कार्यक्रम होने वाले होते हैं, वहां पहले से पुलिस तैनात कर दी जाती है ताकि लोग कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों के घरों के बाहर खड़ी रहती है और अगर महिलाएं या परिवार के सदस्य बाहर निकलते हैं तो उन्हें हिरासत में लिया जाता है या गिरफ्तार कर लिया जाता है।

टीएमसी सोनारपुर में मारपीट होने के अलावा कई अन्य मामलों के खिलाफ भी आक्रोशित
इससे पहले टीएमसी नेताओं ने पार्टी के नेताओं पर हुए हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। तृणमूल इसलिए भी आक्रामक है भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ सोनारपुर में मारपीट होने के अलावा कई अन्य नेताओं के साथ भी कथित तौर पर ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के बाद धरना
ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेताओं के इस विरोध-प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नेताओं के खिलाफ हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठाना है। प्रदर्शन से पहले टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मिलकर भारत रत्न बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व सीएम ममता हाथ में संविधान की किताब लेकर श्रद्धांजलि देने पहुंचीं थीं।

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