
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा-वृंदावन में कई क्षेत्रों की पड़ताल की गई। इस दौरान लक्ष्मी नगर यमुना पुल के निकट, पोतरा कुंड के आसपास, भरतपुर गेट से डीग गेट, धौली प्याऊ, भैंस बहोरा समेत शहर की कई पॉश इलाकों में धड़ल्ले से होटल व गेस्ट हाउस संचालित हो रहे हैं। ये ऐसे स्थान हैं जहां केवल रिहायशी भवनों की अनुमति है, लेकिन लोगों ने घरों में गेस्ट हाउस खोलकर श्रद्धालुओं के ठहरने का अड्डा बना लिया है। इन इमारतों में न तो आग से बचाव के उचित इंतजाम हैं और न ही आपातकालीन निकास की व्यवस्था। कई जगहों पर तो बिजली के तार भी असुरक्षित तरीके से लगे हुए हैं, जो किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। अधिकांश होटलों के पास न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी है और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था है। किसी-किसी क्षेत्र में ऐसे स्थान पर गेस्ट हाउस बने हैं, जहां गलियां संकरी हैं। यदि किसी होटल या गेस्ट हाउस में आग लग जाए, तो दमकल की गाड़ियों का वहां तक पहुंचना भी नामुमकिन है। बावजूद इसके जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके चुप बैठ जाते हैं, लेकिन उचित इंतजाम कराने में सिफर साबित हो रहे हैं।



