30 जून से थम जाएंगी सहारनपुर के ईंट भट्ठों की चिमनियां
भट्ठा स्वामियों ने दिखाई ताकत और एकजुटता

सैकड़ों भट्ठा मालिकों की महापंचायत में बड़ा फैसला, सर्वसम्मति से पास हुआ भट्ठा बंदी का प्रस्ताव
सन्नी चौधरी का दो टूक संदेश— “हाउस का फैसला सर्वोपरि, जो तय होगा वह हर हाल में लागू होगा”
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सहारनपुर। जिले के ईंट उद्योग ने रविवार को अपनी ताकत और एकजुटता का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र में सुनाई दे सकती है। रेलवे रोड स्थित पंजाब होटल में आयोजित जिला ईंट निर्माता समिति की विशाल बैठक में सैकड़ों भट्ठा स्वामियों ने एक मंच पर जुटकर 30 जून 2026 से जनपद के सभी ईंट भट्ठे बंद करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
बैठक में मौजूद भट्ठा स्वामियों ने हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया और स्पष्ट संदेश दिया कि उद्योग के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल भट्ठा बंदी का निर्णय नहीं, बल्कि ईंट उद्योग के अस्तित्व, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई का बिगुल है।
बैठक के दौरान संगठन के प्रति जबरदस्त विश्वास दिखाई दिया। भट्ठा स्वामियों ने जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष सन्नी चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए हर परिस्थिति में तन, मन और धन से साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।
अपने संबोधन में सन्नी चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि संगठन की असली ताकत उसकी एकता और अनुशासन है। उन्होंने कहा कि “मेरा सम्मान महत्वपूर्ण नहीं, हाउस का सम्मान सबसे बड़ा है। हाउस में जो निर्णय लिया जाएगा, उसे शत-प्रतिशत लागू कराया जाएगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों और कानून का पूरा सम्मान किया जाएगा, लेकिन उद्योग के हितों की रक्षा के लिए संगठन हर वैधानिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
बैठक के अंत में भट्ठा स्वामियों ने एकजुट होकर उद्योग हितों की रक्षा, संगठन की मजबूती और सामूहिक संघर्ष के संकल्प को दोहराया। जानकारों का मानना है कि 30 जून से प्रस्तावित भट्ठा बंदी का असर न केवल ईंट उद्योग बल्कि निर्माण कार्यों और बाजार पर भी व्यापक रूप से पड़ सकता है।




