मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही के इंतेकाल से दीनी और तालीमी जगत को अपूरणीय क्षति

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
संभल : मदरसा रज़ा-ए-हुसैन चौधरी सराय संभल में जामिया अशरफिया मुबारकपुर आज़मगढ़ के मशहूर उस्ताद, अशरफिया के
एडिटर-इन-चीफ अल्लामा मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही के इंतेकाल पर एक शोक सभा रखी गई। सबसे पहले कुरान की तिलावत हुई। शहर मुफ्ती हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती कारी अलाउद्दीन ने मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही की दीनी, इल्मी और तालीमी सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इल्म-ए-दीन की खिदमत और तलबा की रहनुमाई में गुज़ारी। उनके इंतेकाल से दीनी और तालीमी जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
सभा मे मौलाना मुहम्मद अबरार अज़ीज़ी मिस्बाही ने सभी आए हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया और मरहूम मिस्बाही की ज़िंदगी की कुछ खास और शानदार बातों का ज़िक्र किया। कार्यक्रम में उलेमा-ए-कराम, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने शिरकत कर मरहूम को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। सभा में अलग-अलग विद्वानों ने अपनी संवेदनाएं ज़ाहिर कीं, खासकर मौलाना तालिब हुसैन मिस्बाही, मौलाना मुहम्मद इरफ़ान लतीफ़ी, मौलाना मुहम्मद फ़ाज़िल मिस्बाही, मौलाना नफ़ीस अख्तर अशफ़ाक़ी, वगैरह ने हज़रत मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही की ज़िंदगी के अलग-अलग पहलुओं पर रोशनी डाली।
गहरा दुख व्यक्त करते हुए मरहूम की सेवाओं को लंबे समय तक याद रखने की बात कही।
आखिर में दुआ और सलाम के बाद शहर मुफ्ती हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती कारी अलाउद्दीन अजमली ,मुफ्ती आजम संभल की दुआ के साथ जलसा खत्म हुआ और इस मौके पर अहले सुन्नत संभल के लीडर हजरत मौलाना नफीस अख्तर अशरफी, हजरत मौलाना तौसीफ रजा मिस्बाही, मौलाना कामिल रजा मिस्बाही, कारी लईक अहमद कादरी, हाजी सैयद मुजम्मिल और बड़ी संख्या में उलेमाओं ने
जलसे में शिरकत की।



