ललितपुर
बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड डंपर, शहर की सड़कों पर मंडरा रहा हादसों का खतरा
गिट्टी-बजरी से लदे वाहनों पर नहीं लग रही लगाम

घनी आबादी वाले इलाकों में तेज रफ्तार से बढ़ी लोगों की चिंता
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। मुख्यालय की सड़कों पर इन दिनों गिट्टी और बजरी से भरे ओवरलोड डंपरों का संचालन आम बात हो गया है। दिन हो या रात, शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते ये भारी वाहन न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी लगातार बढ़ा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्धारित क्षमता से अधिक माल भरकर चल रहे डंपर तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर गिट्टी और बजरी से लदे डंपरों के गुजरने के दौरान अक्सर सामग्री सड़क पर गिरती देखी जा सकती है। सड़क पर बिखरी गिट्टी के कारण बाइक और साइकिल सवारों के फिसलने की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ललितपुर में चल रहे निर्माण कार्यों और खनन क्षेत्रों से आने-जाने वाले डंपरों की संख्या लगातार बढ़ी है। शहर में प्रवेश करने वाले अनेक डंपरों में सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जाता। कई वाहनों पर तिरपाल तक नहीं ढका जाता, जिससे रास्ते भर गिट्टी और धूल उड़ती रहती है। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है बल्कि पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सोशल मीडिया पर भी आए दिन ओवरलोड डंपरों के वीडियो और तस्वीरें वायरल होती रहती हैं। कई बार नागरिकों द्वारा प्रशासन और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके बावजूद व्यापक स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं देती। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों को अप्रत्यक्ष संरक्षण प्राप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोड वाहन सड़क की गुणवत्ता को भी नुकसान पहुंचाते हैं। भारी भार के कारण सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे सरकार को मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। वहीं नगरवासियों का कहना है कि परिवहन, खनन और यातायात विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों की जांच करनी चाहिए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।



