बागपत
संस्कार शिविर के भव्य समापन पर आर्य वीरों ने दिखाया शौर्य
वेदों के ज्ञान और भारतीय संस्कृति का दिया संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बड़ौत, बागपत। आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के तत्वावधान में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल, बड़ौत में आयोजित आवासीय संस्कार शिविर का समापन समारोह गुरुवार को भव्य व्यायाम प्रदर्शन, योग आसनों और आर्य वीरों के शौर्य प्रदर्शन के साथ संपन्न हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावकों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि वेद मानव जीवन को सही दिशा देने वाले ज्ञान का मूल स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने हमेशा समाज को अंधविश्वास, कुरीतियों और सामाजिक बुराइयों से मुक्त कराने का कार्य किया है। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचार आज भी समाज को नई दिशा देने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा और समाज का कल्याण ही सबसे बड़ा धर्म है तथा महिलाओं को वैदिक सिद्धांतों को अपनाकर संस्कारित एवं आदर्श संतानों का निर्माण करना चाहिए, जिससे राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल बन सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए वैदिक विचारधारा अत्यंत प्रासंगिक है। यदि समाज वेदों के बताए मार्ग पर चले तो अनेक सामाजिक समस्याओं का समाधान संभव है।
विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र तोमर ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी बेटियों और युवाओं के संस्कारों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि संस्कार शिविर बच्चों में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे शिविरों से बच्चों के व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर सुरेंद्र आर्य ने भारतीय संस्कृति को विश्व की सबसे प्राचीन और श्रेष्ठ संस्कृति बताते हुए कहा कि आर्य समाज के सिद्धांत आज भी मानव समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ती अशांति और नैतिक पतन के दौर में आर्य समाज की शिक्षाएं और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं।
समारोह का मुख्य आकर्षण आर्य वीरों द्वारा प्रस्तुत किए गए साहसिक एवं अनुशासित प्रदर्शन रहे। शिविरार्थियों ने लाठी, तलवार, भाला संचालन, पिरामिड निर्माण तथा विभिन्न योग आसनों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रतिभा, अनुशासन और शारीरिक दक्षता को देखकर उपस्थित दर्शक रोमांचित हो उठे और उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए रवि शास्त्री ने बताया कि बेटियों के लिए विशेष संस्कार शिविर 11 जून को प्रातः 8 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें बालिकाओं को वैदिक शिक्षा, योग, आत्मरक्षा और नैतिक मूल्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. तरुण तोमर, शिविर अध्यक्ष धर्मपाल सिंह त्यागी, मीरा वर्मा, कपिल आर्य, ब्रह्मचारी अरुण आर्यवीर, स्वामी सुरेंद्रानंद सरस्वती, हरेंद्र आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं एवं अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया।



