खैरथल

छात्र राजनीति से विधानसभा तक : मुंडावर के विधायक ललित यादव का सफर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल -तिजारा । राजस्थान की राजनीति में नई पीढ़ी के नेताओं में तेजी से उभरा एक नाम है मुंडावर विधायक ललित यादव। छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले ललित यादव आज जनप्रतिनिधि के रूप में मुंडावर विधानसभा क्षेत्र की आवाज बन चुके हैं। सरल स्वभाव, जमीनी कार्यशैली और युवाओं से सीधे जुड़ाव ने उन्हें कम समय में प्रदेश राजनीति में एक अलग पहचान दिलाई है।
अलवर जिले की नीमराना तहसील के समीप स्थित फौलादपुर गांव में जन्मे ललित यादव का संबंध एक सामान्य किसान परिवार से है। उनके पिता का नाम विद्यासागर है। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े ललित यादव ने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की और प्रारंभिक जीवन में कृषि कार्य से जुड़े रहे।
राजनीति में उनकी सक्रियता छात्र जीवन से ही शुरू हो गई थी। वर्ष 2012-13 में उन्होंने जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ में महासचिव का महत्वपूर्ण दायित्व संभाला। छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई।
इसके बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मुंडावर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। लेकिन उन्होंने क्षेत्र में अपना जनसंपर्क लगातार बनाए रखा और जनता के बीच सक्रिय रहे।
वर्ष 2023 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के रूप में मुंडावर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरकर शानदार जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने। उनकी जीत को क्षेत्र में युवा नेतृत्व के उभार के रूप में देखा गया।अलवर लोकसभा चुनाव मे ललित यादव सफल नही रहे लेकिन भाजपा के बड़े नेता केंद्रीय मंत्री को कड़ी टक्कर दी .विधायक बनने के बाद ललित यादव ने क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ राज्य स्तर के कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने श्मशान भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में अलग से दर्ज करने, युवाओं से जुड़े रोजगार और शिक्षा के मुद्दों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं पर मुखर होकर अपनी बात रखी है।
वर्तमान में वे विधायक होने के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव के रूप में भी संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
कम उम्र में छात्र राजनीति से लेकर विधानसभा तक का उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि निरंतर जनसंपर्क, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी स्तर पर सक्रियता किसी भी नेता को नई पहचान दिला सकती है। आज मुंडावर विधानसभा क्षेत्र में ललित यादव को युवा, ऊर्जावान और जनता के बीच रहने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में देखा जाता है। विधानसभा में इलाके की प्रखर आवाज है खैरथल -तिजारा जिला बचाओं संघर्ष में भी हजारों टैक्टरों के साथ रैली ,सड़क पर भी ललित यादव की मजबूती को दर्शाता है।
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