शामली

प्राकृतिक खेती ही किसानों की समृद्धि का आधार, रासायनिक खेती से बाहर निकलना होगा : सुरेश राणा

केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर थानाभवन में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का भव्य आयोजन, सैकड़ों किसानों ने लिया हिस्सा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

थानाभवन (शामली)। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकासखंड थानाभवन स्थित राजधर्म गऊ नेचुरल फार्म पर शुक्रवार को समेकित जनकल्याण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, कृषि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्राकृतिक एवं जीरो बजट खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक, जैविक एवं जीरो बजट खेती अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाती है, बल्कि किसानों की लागत कम कर उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करती है। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले ठाकुर धर्मपाल सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप ने किसानों से भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों और हानिकारक दवाओं का प्रयोग कम करने तथा जैविक विकल्प अपनाने की अपील की।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

कार्यक्रम में संस्कृति निदेशालय उत्तर प्रदेश के कलाकार श्रवण मस्ताना एवं उनकी टीम ने देशभक्ति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। कलाकारों ने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ भी भावनात्मक संदेश प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

प्राकृतिक खेती के सफल मॉडल किसानों के सामने रखे गए

कार्यशाला में सहारनपुर की शुभावरी चौहान ने गोबर एवं गोमूत्र आधारित ‘जीवामृत’ तैयार करने की विधि बताई तथा जैविक खेती से होने वाले लाभ साझा किए। वहीं ‘भूमि नेचुरल’ यूट्यूब चैनल के संचालक श्याम सिंह ने बीजामृत और जीवामृत के सफल प्रयोगों पर प्रकाश डाला।

राजधर्म गऊ नेचुरल फार्म के संचालक ठाकुर धर्मपाल सिंह ने अपने फार्म पर विकसित गौ आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल का प्रदर्शन करते हुए बताया कि जैविक उत्पादों से किसानों को बाजार मूल्य से दो से ढाई गुना अधिक आय प्राप्त हो सकती है। उन्होंने गोबर गैस एवं स्लरी आधारित शून्य उर्वरक मॉडल की भी जानकारी दी।

कृषि वैज्ञानिकों ने दी तकनीकी जानकारी

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी बृजेन्द्र शुक्ल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी, डॉ. अंजय यादव, जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव एवं उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी।

भारतीय किसान मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री वरुण मलिक, गौरव तोमर, जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह तथा डॉ. संजय सहित अन्य वक्ताओं ने भी किसानों के हितों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर वरुण मलिक ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाने की मांग भी उठाई।

‘खेत से रसोई तक’ थीम बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम स्थल पर “अन्नपूर्णाकुलम – खेत से रसोई तक, रसोई से खेत तक” विषय पर आधारित विशेष प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती की नई तकनीकों को समझा।

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