ललितपुर
फसल बीमा मुआवजा न मिलने पर भड़के देवरान के किसान, आमरण अनशन की चेतावनी
ओलावृष्टि से नष्ट हुई गेहूं की फसल का भुगतान दिलाने की मांग, डीएम को सौंपा सामूहिक ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। तहसील तालबेहट के ग्राम देवरान के सैकड़ों किसानों ने रबी सीजन 2025-26 में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं की फसल का बीमा मुआवजा न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। किसानों ने सोमवार को जिलाधिकारी को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर शीघ्र बीमा भुगतान की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे। किसानों ने ज्ञापन में बताया कि रबी सीजन के दौरान ग्राम देवरान में बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती की गई थी। फसल अच्छी स्थिति में थी और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि ने पूरी फसल चौपट कर दी। तैयार खड़ी गेहूं की फसल नष्ट होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि फसल क्षति के बाद तत्काल इसकी सूचना प्रशासन एवं संबंधित विभागों को दी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर फसल क्षति का सर्वे और भौतिक सत्यापन भी किया था। किसानों के अनुसार जांच में फसल को व्यापक नुकसान होना पाया गया था और अधिकारियों द्वारा शीघ्र मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को फसल बीमा की राशि प्राप्त नहीं हो सकी है। किसानों का आरोप है कि उनकी फसल बीमित होने और प्रीमियम जमा होने के बावजूद संबंधित बीमा कंपनी द्वारा भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। इससे प्रभावित किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि किसान लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर बीमा कंपनी के माध्यम से शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी फसल क्षति की धनराशि का भुगतान जल्द नहीं कराया गया तो सभी पीड़ित किसान कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों एवं बीमा कंपनी की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। इस दौरान गांव के अनेक किसानों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और प्रशासन से न्याय की अपेक्षा जताई। इस दौरान जगभान सिंह, केशरी, चम्पालाल, बलवन्त सिंह, वृन्दावन, अदल, हरभजन, कल्यान, भगवानदास, लखन लाल, बहादुर सिंह, भरत सिंह, पुष्पा, बबलू, बन्दो बाई, हीरालाल, हरीराम, शिवशंकर, हरदेव सिंह, खुशीलाल, भूपत, मलखान, गब्बर सिंह, जानकी सिंह, मूल चन्द, आदित्य नारायण, रेखा बाई, आसागाम, सारदा देवी, राजेश कुमार, बीर सिंह, मुलायम सिंह, दुर्जन सिंह, बृजनन्दन, प्रूस, मुन्ना, मथू, भुल्ला, बहादुर सिंह (पुत्र नाहर सिंह), दरयाव सिंह, छोटे राजा, जगदीश, गोरेलाल, सुवहर, रामकली, दयाराम, पुन्तु, भगवत सिंह, अवधरानी, जमुना प्रसाद तथा उदयल सिंह सहित समस्त ग्रामवासी शामिल रहे।



