
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। भारतीय सेना अपनी परिचालन तैयारियों को मजबूत करने और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह औजला (परम विशिष्ट सेवा मेडल) ने 509 आर्मी बेस वर्कशॉप का निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीकी उन्नयन की दिशा में भविष्य की रूपरेखा और उत्पादन क्षमता की समीक्षा की। लेफ्टिनेंट जनरल के साथ डीजी ईएमई एवं कर्नल कमांडेंट व कमांडर बीडब्ल्यूजी ईएमई लेफ्टिनेंट जनरल राजीव के. साहनी (एवीएसएम, वीएसएम) भी रहे। 509 आर्मी बेस वर्कशॉप विशेष रूप से भारतीय सेना के लिए ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र है। यह वर्कशॉप विभिन्न प्रकार की ऑप्टिकल साइट्स, रडार और दूरसंचार उपकरणों के रखरखाव और उन्नयन का कार्य करती है, जो सेना की सामरिक क्षमताओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। निरीक्षण में 509 आर्मी बेस वर्कशॉप की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही इंडस्ट्री 5.0 के मानकों के अनुरूप सर्वोत्तम व्यावसायिक प्रथाओं को अपनाना और महत्वपूर्ण तकनीकी चुनौतियों का समाधान करना था। वर्कशॉप में 500 एमडब्ल्यू क्रायोकूलर, मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस), हथियार पता लगाने वाले रडारों की नवीन मरम्मत तकनीकों, रात्रि और थर्मल इमेजरों का उन्नयन, अत्याधुनिक दूरसंचार मरम्मत सुविधा बढ़ाने पर काम चल रहा है। 509 आर्मी बेस वर्कशॉप की ये पहल आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ पूरी तरह से मेल खाती हैं।



