जालौन

अवैध खनन पर अब होगी बहु-विभागीय सख्त कार्रवाईःजिलाधिकारी

 एनजीटी के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें

वाहन चालक ही नहीं, वाहन स्वामी, खनन कराने वाले, भंडारणकर्ता एवं खरीदार तक पर होगी विधिक कार्रवाई 
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) एवं उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, क्षेत्राधिकारियों, खान अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित अधिकारियों को अवैध खनन, अवैध भंडारण एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवैध खनन से संबंधित प्रत्येक प्रकरण में सभी लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत एक साथ प्रभावी कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर पुलिस द्वारा प्रभावी विवेचना कराई जाए। साथ ही खान एवं भू-तत्व विभाग द्वारा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत पृथक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व, परिवहन, जीएसटी, आयकर एवं अन्य संबंधित विभाग भी अपने-अपने अधिनियमों के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करें, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्रवाई केवल वाहन चालक तक सीमित न रखी जाए, बल्कि वाहन स्वामी, अवैध खनन कराने वाले, अवैध भंडारण करने वाले, भूमि उपलब्ध कराने वाले, अवैध खनिज के खरीदार तथा अन्य सभी संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त एवं पृथक वित्तीय दायित्व भी निर्धारित किया जाए। उन्होंने क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर प्रभावी विवेचना सुनिश्चित की जाए तथा अपराध में प्रयुक्त वाहन, मशीनरी एवं खनिज का विधिसम्मत अधिग्रहण एवं जप्ती कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। खान अधिकारी प्रत्येक प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करें तथा पुलिस एवं राजस्व विभाग के साथ सतत समन्वय बनाए रखें। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं खान अधिकारियों को संयुक्त रूप से नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिला स्तरीय अधिकारी समय-समय पर खनन पट्टा क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि पर्यावरण स्वीकृति (ईसी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनापत्ति एवं सहमति (सीटीई एवं सीटीओ) सहित सभी वैधानिक शर्तों का पूर्ण अनुपालन हो। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन प्रत्येक अधिकारी का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व है। किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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