जालौन
ऑपरेशन कन्विक्शन में पुलिस ने छह माह में 141 मुकदमों में 203 अभियुक्तों को मिली सजा
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन कन्विक्शन’’ अभियान के तहत जालौन पुलिस ने बीते छह माह में प्रभावी विवेचना साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी के दम पर सफलता हासिल की है। इस अवधि में जनपद के 141 अभियोगों में कुल 203 अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा विभिन्न मामलों में अधिकतम सजा एवं अर्थदंड से दंडित कराया गया। यह उपलब्धि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के नेतृत्व में सभी थाना प्रभारियों, विवेचकों, कोर्ट पैरोकारों और पैरवी सेल को न्यायालय में लंबित विशेष रूप से महिला अपराधों एवं जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों की प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए थे। इसी रणनीति के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना,ठोस साक्ष्य संकलन तथा अभियोजन पक्ष और पुलिस के बेहतर समन्वय का सकारात्मक परिणाम सामने आया। 1 जनवरी 2026 से अब तक छह अभियोगों में 17 अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा भारी अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके अतिरिक्त महिला संबंधी अपराधों में भी जालौन पुलिस ने प्रभावी पैरवी करते हुए 17 अभियोगों में 23 अभियुक्तों को सजा दिलाई। इनमें दो अभियोगों में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया जो महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई का संकेत है। अन्य आपराधिक मामलों में भी पुलिस का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। कुल 135 अभियोगों में 186 अभियुक्तों को विभिन्न अवधियों की कारावास की सजा एवं अर्थदंड दिलाया गया। इनमें छह अभियोगों में आठ अभियुक्तों को 20 वर्ष का कठोर कारावास दो अभियोगों में दो अभियुक्तों को 10 वर्ष का कारावास आठ अभियोगों में 11 अभियुक्तों को सात वर्ष का कारावास तथा 34 अभियोगों में 53 अभियुक्तों को एक से पांच वर्ष तक की सजा सुनाई गई। वहीं 85 अभियोगों में 112 अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा एवं अर्थदंड से दंडित किया गया। जालौन पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान आगे भी पूरी गंभीरता से जारी रहेगा। अपराधियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाने पीड़ितों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने तथा समाज में कानून का भय स्थापित करने के उद्देश्य से विवेचना और न्यायालयीन पैरवी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


