झुंझुनू
बॉर्डर पर दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाले गौरव सेनानियों को स्थानांतरण मे वरीयता मिले
कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
झुंझुनूं। सेना मे रहते हुए सीमाओ पर लम्बी सेवा देने के उपरांत राज्य सेवा मे नियोजित गौरव सेनानियों के लिये राजस्थान गौरव सेनानी शिक्षक संघ ने स्थानांतरण मे वरीयता एवं स्वयं की सहमति के बिना अन्य स्थानों पर स्थानांतरण नहीं करने की मांग राजस्थान सरकार के सभी विभागों के मंत्रियों को ज्ञापन देकर अनुरोध किया है। प्रदेशाध्यक्ष राजवीर चनाना ने बताया कि 15 से 20 वर्षो तक एक सैनिक दुर्गम व दूरस्थ इलाकों में रहकर निस्वार्थ भाव से देश सेवा करता है तथा लंबे समय से वह परिवार व समाज से दूर रहकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है। रिटायरमेंट बाद राज्य सेवा में आने के पश्चात शेष 10 से 15 वर्ष घर के नजदीक गृह जिले में नौकरी करने का अवसर मिलना चाहिए और जो जिले में नौकरी कर रहे हैं ऐसे सैनिकों का भी जो दूरस्थ स्थानों पर स्थानांतरण कर दिया जाता है जिसके लिये मांग की गईं कि सैनिक की सहमति के बिना कही स्थानांतरण नहीं किया जाएl संगठन की तरफ से कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीमल मीणा से ज्ञापन देकर मांग की तो उन्होंने मांग को एकदम जायज मानते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकऱ अनुरोध किया है जिसमे सकारात्मक आवश्यक कार्रवाई करते हुए सैनिकों की प्रति स्वानुभूति रखते हुए उनकी समस्याओं का निराकरण कर सैनिकों को राहत दिलवाने के लिए आग्रह किया है और स्वयं ने भरोसा दिलाया है कि सैनिक देश की शान है इनके हितो की रक्षा करना सरकार का नैतिक दायित्व बनता है। संगठन ने मंत्री मीणा का आभार व्यक्त किया।



