कीचड़ भरे कच्चे रास्ते पर चलने को मजबूर बेगमपुर भौन्नेवाला के ग्रामीण।
मूलभूत सुविधाओं का इंतजार !

झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को नहीं मिल सका शौचालय एवं पक्का मकान।
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बिजनौर, नजीबाबाद। विकासखंड नजीबाबाद की ग्राम पंचायत बेगमपुर भौन्नेवाला में मूलभूत सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गांव के किनारे झोपड़ियों में रहने वाले परिवार आज भी पक्के मकान, शौचालय, सड़क, बिजली, पानी और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग करने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।झोपड़ियों के आसपास जाने वाला रास्ता कच्चा ह। और बरसात के दिनों में यहां की स्थिति और भी खराब हो जाती है। रास्ते पर कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के गंदे पानी की निकासी के लिए रास्ते के किनारे नाली की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बरसात का पानी और गांव का गंदा पानी झोपड़ियों के आसपास जमा हो जाता है और कई बार घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। लेकिन झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों का कहना है। कि उन्होंने ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह से कई बार शौचालय बनवाने की मांग की, लेकिन अभी तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका। ग्रामीणों का आरोप है कि शौचालय और पक्के मकान जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे कई बार कागजात लिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि पूर्व ग्राम प्रधान से लेकर वर्तमान ग्राम प्रधान तक उन्हें लगातार आश्वासन मिलता रहा, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है। कि यदि पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल जाए तो उनके जीवन में काफी सुधार हो सकता है। जिसमें सबसे बड़ी समस्या छोटे बच्चों और महिलाओं को लेकर बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, घरों में शौचालय नहीं होने के कारण परिवार के छोटे-छोटे बच्चों को शौच के लिए जंगल की ओर जाना पड़ता है। जंगल और खेतों के आसपास हिंसक जंगली जानवरों तथा अन्य जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। कीचड़ भरे रास्ते के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। लेकिन पीड़ित परिवारों ने शासन और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने झोपड़ियों के स्थान पर पक्के मकान, शौचालय, सड़क, बिजली, पेयजल और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे तो उनकी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।


