नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अभियुक्त को 10 साल की सजा
बहला-फुसलाकर नाबालिग को ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी, कोर्ट ने लगाया 15 हजार रुपये का अर्थदंड

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
हापुड़। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत हापुड़ पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी एवं सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार मामला वर्ष 2020 का है। घटना 8 अगस्त 2020 को हुई थी। मामले में अभियुक्त अशफाक पुत्र जफरु पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की और साक्ष्यों को एकत्र करते हुए अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
“ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत हापुड़ पुलिस द्वारा मुकदमे की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों को मजबूती से रखा। पुलिस की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 15,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस मामले में सजा दिलाने में शासकीय अधिवक्ता हरेंद्र कुमार त्यागी, विवेचक उपनिरीक्षक बनी सिंह, हेड कांस्टेबल रघुवीर तथा हेड कांस्टेबल प्रशांत पाण्डेय का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हापुड़ पुलिस का कहना है कि अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी लगातार जारी रहेगी।
पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



