झारखंड

झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: 100 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने समेत पुलिस थानों में 9006 CCTV कैमरे लगाने को मंजूरी

Major decisions by the Jharkhand Cabinet: Approval granted for 100 Schools of Excellence, increasing seats in medical colleges, and installing 9,006 CCTV cameras in police stations.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे, पुलिस व्यवस्था, न्यायिक प्रशासन और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में राज्य के 100 अतिरिक्त विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने, मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं पीजी सीटें बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति के लिए नई नियमावली बनाने तथा छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने जैसे प्रमुख निर्णय शामिल हैं। मंत्रिपरिषद ने आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 721.43 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार के इस निर्णय से राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के लिए उत्कृष्ट विद्यालयों का दायरा बढ़ेगा। कैबिनेट ने जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने तथा नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने एवं पीजी सीटों में वृद्धि के लिए संस्थान के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन को मंजूरी दी। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए इस योजना की कुल लागत 393.91 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसी प्रकार धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों के विस्तार, नए पीजी विषयों की शुरुआत और स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि के लिए 495.02 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त धनबाद जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की निधि से शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं टीचिंग हॉस्पिटल के व्यापक उन्नयन के लिए 275.18 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। प्रस्ताव के तहत मौजूदा 100 यूजी सीटों को 250 सीटों तथा पीजी सीटों को बढ़ाने के साथ अन्य संबद्ध आधारभूत संरचनाओं एवं सेवाओं का विकास किया जाना है। राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए झारखंड राज्य के सरकारी अस्पताल/स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सक के रिक्त पद पर संविदा आधारित नियुक्ति नियमावली, 2026 के गठन को मंजूरी दी गई। वहीं, झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर-शैक्षणिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक अध्ययनरत बालिकाओं को प्रत्येक माह अधिकतम 10 ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन नि:शुल्क उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके लिए 124.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने झारखंड में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी योजना को स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना में संशोधन तथा झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति, 2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने जल क्षेत्र के लिए राज्य विनिर्दिष्ट कार्य योजना (SSAP) तैयार करने हेतु NIH रुड़की के साथ संशोधित MoU करने की स्वीकृति दी। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद घटनोत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई। सड़क निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली। इनमें चाईबासा में असुरा PWD रोड से कुमारडुंगी तक 38.65 किलोमीटर सड़क के मजबूतीकरण के लिए 29.87 करोड़ रुपये, हजारीबाग-कटकमसांडी-चतरा पथ के 24.80 किलोमीटर हिस्से के IRQP कार्य के लिए 25.53 करोड़ रुपये तथा मनोहरपुर क्षेत्र में 19.149 किलोमीटर सड़क के मजबूतीकरण, चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए 114.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है। रामगढ़ में बरलंगा-गोला-मुरी पथ के निर्माण के लिए 56.85 करोड़ रुपये तथा गिरिडीह में बरगंडा चौक से कॉलेज मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 30.46 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। धनबाद की तोपचांची झील एवं आसपास के क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए PPP मॉडल पर DBFOT के माध्यम से लगभग 184.29 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी मिली। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 9,006 CCTV कैमरे लगाने के लिए 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इससे पुलिस थानों की निगरानी व्यवस्था और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलेगी।  बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार, केंद्रीय कारा दुमका, केंद्रीय कारा घाघीडीह, जमशेदपुर तथा लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग में वर्तमान कारा परिसरों में Open/Semi Open Barrack स्थापित करने की स्वीकृति दी गई। केंद्र सरकार द्वारा वज्रपात और ग्रीष्म लहर को प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किए जाने के बाद इन्हें झारखंड की विशिष्ट स्थानीय आपदाओं की सूची से हटाने की स्वीकृति दी गई। साथ ही प्राकृतिक एवं विशिष्ट स्थानीय आपदाओं से संबंधित पूर्व विभागीय संकल्पों में भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई। ज्ञानोदय योजना के तहत प्रारंभिक कक्षा के विद्यार्थियों के लिए Bilingual Parental Calendar उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक 73.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। कक्षा 6 से 8 के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए Student Diary उपलब्ध कराने हेतु इसी अवधि में 27.87 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित करने एवं भवन निर्माण के लिए करीब 49.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी देने के साथ राज्य में Court Fees Act, 1870 को निरस्त करने की स्वीकृति दी। वहीं, झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने की स्वीकृति भी दी गई। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा निर्मित पुलों के रखरखाव एवं अनुरक्षण के लिए झारखंड ग्रामीण पुल अनुरक्षण नीति-2025 को मंजूरी दी गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पुलों की नियमित देखरेख और उनकी उपयोगिता बनाए रखने के लिए एक व्यवस्थित नीति लागू होगी। कैबिनेट ने मांस एवं मांस उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण एवं बिक्री से जुड़े खाद्य कारोबारियों के लिए नगर निकाय स्तर पर अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने संबंधी Jharkhand Municipal Regulation, 2026 को मंजूरी दी। पलामू व्याघ्र आरक्ष के कोर क्षेत्र से स्वैच्छिक पुनर्वास के बाद पुनर्वास में प्रयुक्त वनभूमि को वन अधिसूचना से मुक्त कर राजस्व भूमि में परिवर्तित करने तथा पुनर्वासित परिवारों के पक्ष में रैयती बंदोबस्ती सुनिश्चित करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा झारखंड राज्य में गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मार्गदर्शिका में संशोधन, राज्य की निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित पूर्व में जमा आवेदन शुल्क एवं Endowment Fund की राशि लौटाने, चतरा में NDPS Act के तहत विशेष न्यायालय के लिए जिला न्यायाधीश स्तर के एक पद के सृजन तथा वित्त विभाग के Project Monitoring Unit को मजबूत करने के लिए 76 नए संविदा/बाह्यस्रोत आधारित पदों पर मानवबल लेने की स्वीकृति दी गई। मंत्रिपरिषद ने विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों, प्रोन्नति, वित्तीय लाभ एवं सेवा नियमितीकरण से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें पूर्व संविदा आधारित 12 कनीय अभियंताओं के सेवा नियमितीकरण सहित कई अन्य व्यक्तिगत सेवा मामलों के प्रस्ताव शामिल हैं। कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, रोजगार, ग्रामीण आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुधार को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।

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