जन्माष्टमी पर ₹40 हजार करोड़ से अधिक के व्यापार का अनुमान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस वर्ष देशभर में ₹40,000 करोड़ से अधिक का व्यापार होने का अनुमान है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, धार्मिक आयोजन, पूजा सामग्री, मिठाई, डेयरी उत्पाद, फूल-सजावट, पारंपरिक परिधान, उपहार और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कारोबार में तेजी आने की संभावना है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि जन्माष्टमी केवल आस्था और भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और आर्थिक गतिविधियों का भी बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान का असर त्योहारों के बाजार में दिखाई दे रहा है और उपभोक्ता भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कैट के मुताबिक, 2024 में जन्माष्टमी पर करीब ₹25,000 करोड़ और 2025 में लगभग ₹30,000 करोड़ का व्यापार हुआ था। इस वर्ष करीब 30 प्रतिशत वृद्धि के साथ यह आंकड़ा ₹40,000 करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है।
जन्माष्टमी के दौरान मिठाई, माखन-मिश्री व डेयरी उत्पाद, पूजा सामग्री, फूल-मालाएं, सजावट का सामान, पारंपरिक वस्त्र, फल-सूखे मेवे, लड्डू गोपाल की मूर्तियां, झूले और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ने की संभावना है। वहीं मथुरा-वृंदावन, द्वारका, नाथद्वारा सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही से होटल, परिवहन, रेस्तरां और स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलेगा।
खंडेलवाल ने कहा कि त्योहारों से होने वाला खर्च समाज के विभिन्न वर्गों तक आय और रोजगार के रूप में पहुंचता है। किसान, दुग्ध उत्पादक, कारीगर, छोटे व्यापारी, महिला उद्यमी, ट्रांसपोर्टर और सेवा क्षेत्र से जुड़े लाखों लोग इससे लाभान्वित होते हैं। उन्होंने जन्माष्टमी को ‘भक्ति से बाजार, परंपरा से रोजगार और स्थानीय उत्पादन से राष्ट्रीय विकास’ की भावना को मजबूत करने वाला पर्व बताया।


