जामताड़ा
ठाकुरवाडी राम मंदिर मेंन बाजार शिव मंदिर सेमत कर्माटांड़ क्षेत्र के कई गांवो में जन्माष्टमी बड़ा ही धूमधाम से मनाया गया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जामताड़ा : कर्माटांड़ क्षेत्र में इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत ही श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। ठाकुरवाडी राम मंदिर, मेन बाजार स्थित शिव मंदिर तथा क्षेत्र के अन्य ग्रामीण इलाकों में इस पावन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ठाकुरवाडी राम मंदिर में विशेष आयोजन
स्थानीय ठाकुरवाडी राम मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव बेहद खास रहा। मंदिर के महंत किशोरी बाबा और गणमान्य व्यक्ति सिया सरन गुड़िया ने अपनी देखरेख में सभी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महाप्रसाद का आयोजन किया। उन्होंने अपने हाथों से कतारबद्ध बैठे सभी श्रद्धालुओं को पूरी, बूंदी, सब्जी और स्वादिष्ट खीर का महाप्रसाद परोसकर ग्रहण कराया। इस दौरान महंत किशोरी बाबा ने सेवा भाव का संदेश देते हुए कहा कि “अतिथियों का सेवा और सम्मान करना ही मेरा सबसे बड़ा पुण्य और पवित्र कर्तव्य है।” उनके इस मिलनसार और सेवाभावी स्वभाव ने सभी भक्तों का मन मोह लिया।
शिव मंदिर में महाप्रसाद वितरण
मेन बाजार स्थित शिव मंदिर में भी जन्माष्टमी के पावन पर्व पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मंदिर समिति और स्थानीय सहयोगियों के द्वारा यहाँ भी महाप्रसाद के रूप में खीर और कई अन्य प्रकार के पवित्र व्यंजनों का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। कर्माटांड़ क्षेत्र के कई अन्य गाँवों से भी झांकियों और भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
भव्य भक्ति जागरण और सांस्कृतिक संध्या
दोनों प्रमुख मंदिरों में रात्रि के समय भव्य भक्ति जागरण और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्षेत्र और बाहर से आए कई प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी सुरीली आवाज और धार्मिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। इस रातभर चले आयोजन में प्रसिद्ध सिंगर और कथावाचक कन्या शरण, गौरव कुमार, राजकुमार, उमेश कुमार, परशुराम बाबा, शत्रुघ्न बाबा, राजेंद्र भगत, और मुन्ना जायसवाल सहित कई दिग्गज कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत और प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों के इन भजनों और पारंपरिक गीतों की धुनों पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी रातभर झूमते रहे।
जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर कर्माटांड़ क्षेत्र के ठाकुरवाडी राम मंदिर और शिव मंदिर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने आपसी सौहार्द, सांस्कृतिक एकता और धार्मिक आस्था की एक अनूठी मिसाल पेश की है।



