ललितपुर
ललितपुर वरदानी भवन में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय वरदानी भवन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। नन्हे-मुन्ने बाल कलाकारों ने श्रीकृष्ण की मनमोहक लीलाओं का मंचन कर सभी का मन जीत लिया। मुख्य अतिथि सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जेलर प्रशांत उपाध्याय और अमर सिंह गौर ने श्रीकृष्णजी की आरती की। पूरा परिसर जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि जब अधर्म और अत्याचार बढ़ते हैं, तब दिव्य शक्ति मानवता का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने सभी से सत्य, धर्म, प्रेम, शांति और सद्भाव अपनाने का आह्वान किया। बीके चित्ररेखा दीदी ने समझाया कि श्रीकृष्ण का कारागार में जन्म केवल ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि गहरा आध्यात्मिक संदेश है। अज्ञान, भय और विकारों के बंधन भी एक कारागार हैं। परमात्म-ज्ञान का प्रकाश ही मनुष्य को सच्ची स्वतंत्रता और शांति की ओर ले जाता है। जेलर साहब प्रशांत उपाध्याय जी ने कहा कि सकारात्मक परिवर्तन भीतर से शुरू होता है और आध्यात्मिक ज्ञान जीवन को नई दिशा देता है। संचालन करते हुए बीके मायारानी दीदी ने कहा कि हर फूल जानता है कि उसे मुरझाना है, फिर भी वह मुस्कुराकर खिलता है। जीवन भी यही सिखाता है कि परिस्थितियों को जानते हुए हर पल को सुंदरता से जिएं। अमर सिंह गौर ने शुभकामनाएँ दीं, जबकि विद्यासागर भाई जी ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। नन्हे कलाकारों की मासूम अदाओं और सुंदर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। उनके मंचन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और कलाकारों को ईश्वरीय सौगात एवं भोग प्रसाद वितरित किया गया। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों का जीवंत संदेश बन गया। ज्ञान का प्रकाश जगते ही अज्ञान का कारागार टूटता है और जीवन में सच्ची शांति व मुक्ति का जन्म होता है।



