असम

असम के कामरूप में 65वां शिक्षक दिवस मनाया गया

वरिष्ठ शिक्षकों को "गवर्नर असम वरिष्ठ शिक्षक सम्मान–2026" से सम्मान। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 

असम : देशव्यापी परंपरा के अनुरूप कामरूप जिले में भी शनिवार 5 सिंतबर को महान दार्शनिक, शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 65वाँ शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया। कामरूप जिला प्रशासन और कामरूप शिक्षा विभाग द्वारा यह जिला-स्तरीय कार्यक्रम गुवाहाटी बायोटेक पार्क के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन से हुई।शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल के द्वारा शुरू किए गए “गवर्नर असम वरिष्ठ शिक्षक सम्मान–2026” के तहत कामरूप जिले के वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों की आजीवन सेवा और विशेषकर प्राथमिक शिक्षा में योगदान को सराहना है। कामरूप के बोरका निवासी बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक मोहन चंद्र शर्मा को राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य की ओर से जिला आयुक्त देब कुमार मिश्रा ने उनके आवास पर सम्मानित किया। साथ ही जिले के विभिन्न ब्लॉकों के आठ अन्य वरिष्ठ शिक्षकों को उनके-अपने निवास पर संबंधित सह-ज़िला आयुक्त तथा सर्कल अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण अतिरिक्त जिला आयुक्त (शिक्षा) गीता श्री लाछित ने दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल शैक्षिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि छात्रों में नैतिक मूल्य, अनुशासन, जिम्मेदारी और मानवता भी विकसित करते हैं, जिससे समाज स्वस्थ और प्रगतिशील बनता है। जिला आयुक्त देब कुमार मिश्रा ने उपस्थित शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षक छात्रों के जीवन और भविष्य के सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी शिक्षकों पर भरोसे के साथ सौंपते हैं, इसलिए शिक्षकों को प्रत्येक छात्र के सपने, क्षमताएँ और कमजोरियाँ समझकर उचित मार्गदर्शन देना चाहिए। मिश्रा ने यह भी कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद शिक्षक राष्ट्रनिर्माण और समाज के विकास में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। मुख्य वक्ता, दरंग कॉलेज के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. पुर्णेश्वर नाथ ने शिक्षकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ अकादमिक उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि ईमानदारी, साहस, आत्म-सम्मान, करुणा और मजबूत नैतिकता का विकास भी होना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री-नहीं, किंतु प्रतिष्ठित कलाकार भूपेन हजारिका के जीवन में शिक्षकों के प्रभाव का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक किसी छात्र के जीवन पर दूरगामी प्रभाव डालते हैं और उनकी प्रतिभा को पहचान कर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में कामरूप जिले के श्रेष्ठ शिक्षकों का सम्‍मान किया गया और पिछले वर्ष राज्य स्तरीय “बेस्ट टीचर” पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से अभिनंदन किया गया। इसी अवसर पर राजेंद्र प्रसाद मेधी मेमोरियल ट्रस्ट ने असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित उच्चतर माध्यमिक परीक्षा में कामरूप जिले में असमिया विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र को राजेंद्र प्रसाद मेधी मेमोरियल अवार्ड — प्रमाणपत्र, गमछा, शराई और ₹10,000 नकद — प्रदान किया। कार्यक्रम में सीईओ, कामरूप जिला परिषद सिद्धार्थ गोस्वामी; जिला विकास आयुक्त गर्ग मोहन दास; अतिरिक्त जिला आयुक्त आदित्य गोगोई; निरीक्षक स्कूल्स, कामरूप तपन कलिता; शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक उपस्थित रहे।

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