खैरथल
खैरथल नगर परिषद में कांग्रेस बोर्ड बनाने के करीब 21 सीटों के साथ सबसे आगे,निर्दलीय 15,भाजपा को 8 सींटें
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
खैरथल। नगर परिषद खैरथल के चुनाव परिणामों में 45 वार्डों वाली नगर परिषद में कांग्रेस ने 21 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने 15 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि भाजपा को 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
नगर परिषद चुनाव की मतगणना पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई। सुबह शुरू हुई मतगणना में एक राउंड में पांच वार्डों के मतों की गणना की गई। कुल 9 राउंड में मतगणना पूरी हुई।
नगर परिषद के कुल 45 वार्डों के लिए 183 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इनमें भाजपा के 37, कांग्रेस के 40 तथा अन्य एवं निर्दलीय प्रत्याशियों सहित 106 प्रत्याशी मैदान में थे।
सभापति की रेस में कई दिग्गज धराशायी
चुनाव परिणाम में सबसे बड़ा झटका सभापति पद की दौड़ में शामिल कई दिग्गज नेताओं को लगा। सभापति की रेस में माने जा रहे रामसिंह शर्मा, भानुप्रकाश अग्रवाल एडवोकेट, वरुण डाटा, अशोक डाटा, ओमप्रकाश रोघा और गिरीश डाटा अपनी-अपनी सीट नहीं बचा पाए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
वहीं कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं ने जीत दर्ज कर अपना प्रभाव कायम रखा। विक्की चौधरी, हरिदेवी छागाणी, सर्वेश गुप्ता और करण चौधरी विजयी रहे।
भाजपा की ओर से जाजन मूलानी, अर्जुन असरानी और सरला देवी ने जीत दर्ज की।
बहुमत के लिए 23 का आंकड़ा
45 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत का जादुई आंकड़ा 23 पार्षदों का है। कांग्रेस 21 सीटों के साथ बहुमत से महज दो कदम दूर है। वहीं 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अब बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
शहर की राजनीतिक चर्चाओं में यह बात भी सामने आ रही है कि निर्दलीय पार्षदों में कांग्रेस विचारधारा के समर्थक पार्षदों की संख्या अच्छी है। ऐसे में कांग्रेस सभापति पद के लिए आवश्यक समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकती है।
दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि भाजपा निर्दलीय पार्षदों के किसी गुट को अपने पक्ष में समर्थन देकर नगर परिषद की सत्ता की तस्वीर बदलने का प्रयास कर सकती है।
दिग्गजों की हार से सभापति पद का मुकाबला रोचक
चुनाव परिणामों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नगर परिषद के अगले सभापति को लेकर है। कई दिग्गजों के चुनाव हारने से सभापति पद की पूरी तस्वीर बदल गई है। कांग्रेस के पास 21 पार्षद हैं, जबकि निर्दलीय पार्षदों की संख्या 15 है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्षदों की लामबंदी और राजनीतिक जोड़-तोड़ पर सभी की नजर रहेगी।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 23 के जादुई आंकड़े तक कौन सा राजनीतिक समीकरण पहुंचता है और खैरथल नगर परिषद की कमान किसके हाथ आती है।


