
अयोध्या। भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ का पदभार संभाल लिया है। वह अयोध्या में रहकर राम मंदिर के प्रशासनिक कामकाज, सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे के पारदर्शी प्रबंधन की देखरेख करेंगे।
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने आधिकारिक तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला। मिश्रा मंदिर के प्रशासनिक कामकाज की देखरेख करेंगे। उनके अयोध्या और मंदिर परिसर में ही रहने की उम्मीद है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के प्रबंधन में ज्यादा सीधा और सक्रिय तरीका अपनाया जा सकेगा। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी के आरोप लगे हैं। ट्रस्ट ने प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने और मंदिर से जुड़ी गतिविधियों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के मकसद से मिश्रा को नियुक्त किया है।
उनके पद संभालने से चढ़ावे के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और रोजमर्रा के कामकाज पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। हालाँकि, मौजूदा सिस्टम में किसी भी बदलाव के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। राम मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बढ़ती भीड़ को संभालना, सुविधाओं को बनाए रखना और श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना मुख्य प्रशासनिक जिÞम्मेदारियों में शामिल हैं।
मिश्रा के अयोध्या में रहने के फैसले से रोजमर्रा की गतिविधियों पर बेहतर नजर रखने और मंदिर प्रबंधन के अलग-अलग पहलुओं को संभालने वाले अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मिश्रा के पद संभालने और मंदिर के मौजूदा प्रशासनिक सिस्टम व कामकाज की समीक्षा करने के बाद और बदलाव होने की उम्मीद है।
जीतेंद्र मिश्रा कौन हैं?
जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट के तौर पर शामिल हुए थे। उन्होंने 38 से ज्यादा सालों तक सेवा की है और वे एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं, जिन्हें 3,000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने पुणे की नेशनल डिफेंस एकेडमी, बेंगलुरु के एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और यूके के रॉयल कॉलेज आॅफ डिफेंस स्टडीज से पढ़ाई की है।
अपने मिलिट्री करियर के दौरान, मिश्रा ने एक फाइटर स्क्वाड्रन की कमान संभाली और एयरक्राफ़्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया। उन्होंने दो फ्रटलाइन एयर बेस के एयर आॅफिसर कमांडिंग के तौर पर भी काम किया।



