बरेली
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में 9वीं पल्मोक्रिट कांफ्रेंस शुरू
क्रिटिकल केयर को गांवों तक ले जाना जरूरी : राज्यपाल संतोष गंगवार

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि क्रिटिकल केयर आधुनिक चिकित्सा का अहम हिस्सा है, इसे बढ़ाने के साथ गांवों तक ले जाना जरूरी है। चिकित्सा शिक्षा में अनुसंधान और मरीजों के उपचार पर जोर देना होगा।
वह शुक्रवार को एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में आईएससीसीएम बरेली चैप्टर के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय 9वीं पल्मोक्रिट कांफ्रेंस का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत से गरीबों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है और एसआरएमएस ने इस क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।
स्मारिका विमोचन, ओरेशन सम्मान –
राज्यपाल संतोष गंगवार और एसआरएमएस ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति जी ने अल-करीम विश्वविद्यालय कटिहार के कुलपति डॉ. सैयद मोइद अहमद को श्रीराम मूर्ति ओरेशन सम्मान दिया। साथ ही आईएससीसीएम के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. रणबीर सिंह त्यागी, पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. नरेंद्र रूंगटा और रिम्स रांची के डॉ. जय प्रकाश को सम्मानित किया गया। स्मारिका का विमोचन भी हुआ।
ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति ने कहा कि 2002 में हादसों में मृत्यु दर 35% थी, जो अब 15% रह गई है। इसे और कम करना लक्ष्य है। जल्द ही आयुष्मान मरीजों के लिए 70 आईसीयू बेड आरक्षित होंगे। गोल्डन आवर और ट्रेंड स्टाफ पर जोर दिया।
आईएससीसीएम प्रेसिडेंट डॉ. रणबीर त्यागी ने कहा कि क्रिटिकल केयर को छोटे शहरों-कस्बों तक ले जाना प्राथमिकता है।
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी व विभागाध्यक्ष डॉ. ललित सिंह ने बताया कि इस बार की थीम “सीमाओं से परे क्रिटिकल केयर: संसाधन-सीमित परिस्थितियों में गहन चिकित्सा सेवाओं में बदलाव” है। इसका लक्ष्य गहन चिकित्सा सेवा को छोटे अस्पतालों तक पहुंचाना है। तीसरे-चौथे दिन के सत्र रामनगर (उत्तराखंड) में होंगे।
कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रिंसिपल एयर मार्शल (से.नि.) डॉ. एमएस बुटोला, डायरेक्टर आदित्य मूर्ति, सलाहकार सुभाष मेहरा, बोर्ड मेंबर गुरु मेहरोत्रा, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरपी सिंह, डीन डॉ. एसके सागर, डॉ. बिंदु गर्ग, साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. राजीव टंडन, चीफ एडीटर डॉ. पियूष कुमार, वर्कशॉप चेयरमैन डॉ. निपुण अग्रवाल, ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. गजेंद्र पाल सिंह, डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. यतिन मेहरा। संचालन डॉ. रुचि शाह ने किया।




