सिंगरौली
आदेश में समस्या समाधान शिविर, कार्यालय पर लटका ताला
आवेदन लेकर पहुंचे शिक्षक पूछते रहे - DEO साहब कहां हैं?

सुबह 11 बजे उपस्थित होने के निर्देश, दोपहर 12:06 बजे तक कार्यालय में शिविर का न पोस्टर-बैनर, न जानकारी देने वाला कोई जिम्मेदार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए रविवार, 27 सितंबर को जिला स्तर पर समस्या समाधान शिविर आयोजित करने का आदेश जारी हुआ, लेकिन रविवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे शिक्षकों को अलग ही स्थिति देखने को मिली। दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी समस्याओं और आवेदन के साथ पहुंचे शिक्षक कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों को तलाशते नजर आए।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 26 सितंबर को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि पेंशन, क्रमोन्नति/समयमान वेतनमान, अवकाश तथा विभागीय जांच/निलंबन जैसे लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए 27 सितंबर को समस्या समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में तैयार कर सुबह 11 बजे स्वयं उपस्थित होने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद रविवार को दोपहर 12:06 बजे तक जिला शिक्षा अधिकारी के कक्ष पर ताला लटका दिखाई दिया। मौके पर पहुंचे शिक्षकों के अनुसार उन्हें यह बताने वाला भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति नजर नहीं आया कि शिविर कहां आयोजित हो रहा है अथवा उनके आवेदन किस अधिकारी के पास जमा किए जाएं। हैरानी की बात यह भी रही कि कार्यालय परिसर में समस्या समाधान शिविर से संबंधित कोई पोस्टर, बैनर अथवा सूचना-पट्ट दिखाई नहीं दिया, जिससे बाहर से आने वाले शिक्षक आसानी से शिविर स्थल की पहचान कर सकें। हाथों में आवेदन लिए शिक्षक कार्यालय में इधर-उधर जानकारी लेते रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विभाग ने स्वयं शिविर की तारीख और समय निर्धारित कर अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे, तो दोपहर तक आवेदकों के मार्गदर्शन की व्यवस्था क्यों नहीं दिखी? दूर-दराज से समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर आए शिक्षकों को यदि कार्यालय पहुंचने के बाद भी जिम्मेदारों की तलाश करनी पड़े, तो समस्या समाधान शिविर के उद्देश्य और व्यवस्थाओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।



