सिंगरौली
पसीने की कमाई से 10 हजार केले बांटेंगे गन्नई के 10 मजदूर
दिनभर करते हैं दिहाड़ी मजदूरी, हर महीने अपनी कमाई से करते हैं सेवा; सरई क्षेत्र में चर्चा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। सेवा और समर्पण की मिसाल पेश कर रहे जिले के गन्नई गांव के 10 दिहाड़ी मजदूर इन दिनों सरई क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये मजदूर दिनभर मेहनत कर अपनी कमाई से हर महीने केले खरीदते हैं और गांव-गांव जाकर लोगों को प्रसाद बांटते हैं। इस बार टोली करीब 10 हजार केले लेकर प्रसाद वितरण के लिए निकली है।
टोली के सदस्य सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक खेतों, मनरेगा और भवन निर्माण जैसे कार्यों में मजदूरी करते हैं। दिनभर की मेहनत से मिलने वाली मजदूरी का एक हिस्सा वे सेवा के लिए अलग रखते हैं। खास बात यह है कि प्रसाद वितरण के लिए वे न किसी से चंदा लेते हैं और न ही दान पेटी रखते हैं। पूरा खर्च अपनी मेहनत की कमाई से उठाते हैं।
टोली के एक सदस्य ने बताया, “हम कोई बड़े संत नहीं हैं, हम मजदूर हैं। बाबा ने सिखाया है कि कमाई अगर पसीने की हो, तो उसका फल दोगुना होता है। अपनी मजदूरी से यह सेवा करके हमें सुकून मिलता है।”
स्थानीय लोग इन्हें ‘गन्नई वाले दिहाड़ी संत’ कहने लगे हैं। इन मजदूरों की पहल संदेश देती है कि सेवा के लिए बड़ी दौलत नहीं, बल्कि सच्ची भावना और समर्पण जरूरी है।



