खेकड़ा अग्निकांड ने उजाड़ दिए दो परिवार
मां-बेटी और कपिल के बाद अंकुर जैन की भी मौत; मृतकों की संख्या चार हुई

तीसरे दिन कपिल ने तोड़ा दम, अब जिंदगी की जंग हार गए व्यापारी अंकुर जैन; दर्दनाक हादसे से कस्बे में पसरा मातम
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत/खेकड़ा। कस्बा खेकड़ा में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिस आग ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया था, उसी हादसे ने अब चार जिंदगियां छीन ली हैं। पहले आग की चपेट में आकर मां और उसकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आग बुझाने और लोगों को बचाने के दौरान झुलसे युवक कपिल ने उपचार के तीसरे दिन दम तोड़ दिया। अब गंभीर रूप से झुलसे व्यापारी अंकुर जैन की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
हादसे की खबर से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। जिन घरों में अपनों के लौटने की उम्मीद और उनके स्वस्थ होने की दुआएं की जा रही थीं, वहां अब मातम छाया है। परिजनों का दर्द देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। एक ही हादसे में चार लोगों की मौत ने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया है।
आग बुझाने की कोशिश में झुलसे थे कपिल
खेकड़ा में व्यापारी अंकुर जैन के मकान में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया था। आग और धुएं के बीच परिवार को बचाने तथा आग बुझाने की कोशिशों में कई लोग इसकी चपेट में आकर झुलस गए। इसी दौरान युवक कपिल भी गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे बचाने और उपचार के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन जिंदगी और मौत के बीच चल रही जंग में तीसरे दिन कपिल हार गया। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
अंकुर जैन की मौत से चौथी जिंदगी भी बुझी
अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलसे व्यापारी अंकुर जैन का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। परिजन और परिचित उनके स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। अंकुर जैन के निधन की खबर ने इस हादसे के जख्मों को और गहरा कर दिया। मां-बेटी की मौके पर मौत, कपिल के तीसरे दिन दम तोड़ने और अब अंकुर जैन के निधन के साथ ही मृतकों की संख्या चार पहुंच गई है।
एक आग ने छीन लीं चार जिंदगियां
यह हादसा केवल आग लगने की घटना नहीं, बल्कि उन परिवारों की कभी न भूल पाने वाली त्रासदी बन गया है, जिन्होंने अपने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया। किसी ने मां खो दी, किसी ने मासूम बच्ची, तो किसी परिवार का सहारा कपिल और व्यापारी अंकुर जैन अब इस दुनिया में नहीं रहे। घरों में गूंजने वाली आवाजें खामोश हो गईं और परिवारों की आंखों में अपनों की यादें तथा भविष्य को लेकर गहरा खालीपन रह गया।
खेकड़ा का यह अग्निकांड लोगों के मन में कई सवाल छोड़ गया है। आग लगने की घटनाओं में सुरक्षा इंतजामों, समय पर बचाव और अग्निशमन व्यवस्था की अहमियत एक बार फिर सामने आई है। जरूरत है कि ऐसे हादसों से सबक लेते हुए आग से बचाव के उपायों और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का असहनीय दर्द न झेलना पड़े।


