बाराबंकी
क़ुतलूपुर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बाराबंकी : शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर के दूसरे दिन तहसील फतेहपुर के अंतर्गत ग्राम क़ुतलूपुर में नौ दिवसीय भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया है। इस भक्तिमय आयोजन में प्रख्यात कथाव्यास आचार्य सर्वेश जी के मुखारविंद से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की अमृत वर्षा की जा रही है, जिसे सुनने के लिए पहले ही दिन से भारी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुँच रहे हैं।
मुख्य आयोजन समिति की देखरेख में भव्य तैयारियां:
इस विशाल धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में क्षेत्र की सम्मानित आयोजन समिति पूरी निष्ठा से जुटी हुई है। कथा के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की कमान मुख्य रूप से एडवोकेट प्रदीप कुमार यादव, अशोक यादव (ठेकेदार), पिंटू यादव, उपेंद्र कुमार यादव और एडवोकेट संतोष कुमार यादव संभाल रहे हैं। समिति के इन सभी सदस्यों की देखरेख में श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण और कथा स्थल की भव्य सजावट की विशेष व्यवस्था की गई है।
पुष्पा सोनी ने लिया व्यास पीठ का आशीर्वाद:
कथा के इस पावन एवं गरिमामयी अवसर पर कुर्सी विधानसभा (फतेहपुर चतुर्थ) से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी पुष्पा सोनी ने शिरकत की। उन्होंने कथा स्थल पर पहुँचकर सबसे पहले व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और आचार्य सर्वेश जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत भी किया गया।
इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पुष्पा सोनी ने कहा, “शारदीय नवरात्रि का समय शक्ति की उपासना और आत्मशुद्धि का पर्व है। ऐसे पावन समय पर भागवत कथा का श्रवण करना हमारे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। आचार्य सर्वेश जी की कथा से हमारे समाज में सकारात्मकता, धार्मिक चेतना और आपसी सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।” उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की।
भक्ति के रंग में डूबा क़ुतलूपुर:
कथाव्यास आचार्य सर्वेश जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा मनुष्य को भवसागर से पार लगाने वाली है। इसके श्रवण मात्र से ही इंसानों के जन्म-जन्मांतर के कष्ट दूर हो जाते हैं। कथा के दौरान सुंदर भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और पूरा क्षेत्र “जय श्री कृष्ण” और “जय माता दी” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
यह आयोजन आगामी नौ दिनों तक निरंतर चलेगा, जिसमें प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का रसपान कराया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक, माताएं-बहनें और बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे



