रेलवे अधिकारी ने किया पाकुड़ स्टेशन का निरीक्षण, रेलवे यात्री सुविधाओं से हैं वंचित, सौंपा ज्ञापन
Railway officer inspected Pakur station, railway passenger is deprived of facilities, submitted memorandum

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। रेलवे के आलाधिकारियों के द्वारा समय- समय पर विभिन्न रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर स्टेशन पर मौजूद व जरुरतन एलिमेंट्स की वस्तु स्थिति से रुबरु होकर आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ बेहद जरूरी एलिमेंट्स को उपलब्ध/ स्थापित कराने की दर हक़ीक़त को दर्शाया जाता है। मगर आये दिन रेलवे आलाधिकारियों के द्वारा पाकुड़ रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण तो किया जाता रहा है, परन्तु पाकुड़ की वर्षों पुरानी मांगे अबतक नजर अंदाज किया गया। नतीजतन पाकुड़ से वाया पटना होते हुए देश की राजधानी दिल्ली के लिए न आज तक सीधी ट्रेनों का परिचालन किया गया और न ही कोरोना जैसे वैश्विक महामहामारी के दौरान बंद की गयी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन पुनः अबतक शुरू हुआ। जबकि क्षेत्रों के काफी संख्या में लोग रोजमर्रा की जीवनशैली में दैनिक जरुरतों को पूरा करने के लिए इसी पैसेन्जर्स ट्रेनें के माध्यम से पूरा किया करता था। बंद किये गये पैसेन्जर्स ट्रेनों का पुनः परिचालन न करने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना तो करना पड़ता ही है, साथ ही काफी लागत से टोटो, ऑटो अन्य वाहनों से सफर तय करते हुए स्वास्थ्य उपचार सहित अन्य जरुरतें पूरा करने में मजबूरन क्षेत्र के गरीब मजदूर अन्य के जेब पर सीधा असर पड़ता हुआ नजर आ रहा है। वही इस दिशा में क्षेत्र के विधायक, सांसद समेत चेम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स, पाकुड़, ईस्टर्न रेलवे पैसेन्जर्स एसोसिएशन ने पत्र/ ज्ञापन के माध्यम से वस्तु स्थिति को रेलवे प्रबंधक/ महाप्रबंधक, हावड़ा सहित रेलवे मंत्री तक को अवगत कराया। लेकिन करीब पांच हजार करोड़ से अधिक सालाना राजस्व देने वाले पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर और क्षेत्र वासियों के सुविधार्थ में तिनके के ढेर में आज तक चौवन्नी बराबर भी सुविधाएं सुव्यवस्थित नहीं की गई। आपेतु शियालदह मुगलसराय तक परिचालन हो रही ट्रेन को वर्षों से बंद कर दिया गया। साथ ही वैश्विक महामहामारी कोरोनाकाल से बंद की गयी पैसेन्जर्स ट्रेनों का पुनः परिचालन भी नहीं किया गया। इसके अलावे काले पत्थर के नगरी पाकुड़ की जान कहे जाने वाली मालपहाड़ी रोड पर अवस्थित गेट 1सी और गेट 2सी पर अब तक रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं कराया गया। और न ही पाकुड़ के सार्वाधिक घने आबादी वाले क्षेत्र के सब से महत्वपूर्ण सड़क मार्ग इशाकपुर रेलगेट पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया। वही मंगलवार को पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर कर अपने एक दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के तहत अपने लिए समय पर विशेष निरीक्षण यान से पाकुड़ पहुंचे। और पाकुड़ स्टेशन पर मौजूद स्थापित हर एलिमेंट्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण किया। तत्पश्चात उन्होंने विशेष निरीक्षण यान से पाकुड़ मालपहाड़ी पत्थर क्यूयारी स्थित रेलखंड का निरीक्षण किया। तत्पश्चात वे विशेष निरीक्षण यान से प्रस्थान किया। वही पाकुड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के लिए सीधी ट्रेनों की परिचालन समेत कोरोनाकाल में बंद की गयी पैसेन्जर्स ट्रेनों का पुनः परिचालन हेतु मांग पत्र भी सौंपा। निरीक्षण के दौरान हावड़ा मंडल के रेल प्रबंधक संजीव कुमार, उप महाप्रबंधक वेद प्रकाश तथा मुख्य परिचालन प्रबंधक पूर्व रेलवे सौमित्रो विश्वास कोलकाता सहित हावड़ा मंडल एवं क्षेत्रीय रेल मुख्यालय कोलकाता के लगभग सभी प्रमुख अधिकारीगण मौजूद थे। वही पाकुड़ आगमन पर ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन हावड़ा मंडल के अध्यक्ष हिसाबी राय के नेतृत्व में राणा शुक्ला अन्य ने महाप्रबंधक पूर्व कोलकाता तथा मंडल रेल प्रबंधक पूर्व रेलवे हावड़ा को स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र प्रदान कर तथा पुष्प कुछ देकर उनका जोरदार स्वागत किया गया।



