अमेठी

नहरों में पानी की कमी, किसान परेशान, प्रकृति नहीं दे रही साथ

पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही बारिश

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
अमेठी। शासन के निर्देश पर खरीफ के मौसम में नहरों में छोड़ा गया पानी किसानों की जरूरत नहीं पूरी कर पा रहा है। रोस्टर के अनुसार नहरों के संचालन की बात बेमानी साबित हो रही है। विभाग नहरों में पानी बराबर चलाने का दावा कर रहा है, किसान संतुष्ट नहीं हैं।
तमाम किसान पानी के अभाव में अभी भी धान की रोपाई नहीं कर पाए हैं। मजबूरी में निजी नलकूपों के सहारे खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई कर रहे हैं।
शासन की ओर से 24जून से नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश दिए गए थे।मेन ब्रांच में पानी न होने के कारण नहरों को कुछ दिनों तक चला कर बंद कर दिया गया।टेल तक पानी नहीं पहुंच पाया।
कटरा रामनगर निवासी शिव प्रसाद शुक्ला, अरुण कुमार मौर्य, रामकृपाल यादव, राम आधार आदि किसानों ने बताया कि इस खरीफ के मौसम में विभाग की ओर से रजबाहों के साथ माइनरों में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है । जिसके कारण किसान काफी परेशान है। प्राकृति भी साथ नहीं दे रही। पर्याप्त मात्रा में बारिश भी नहीं हो रही है।
पिछले कई दिनों से नहीं हुई बरसात उमस और गर्मी बढ़ी
अमेठी। पिछले कई दिनों से बरसात न होने
 के कारण गर्मी और उमस  बढ़ गई है। हर व्यक्ति गर्मी से परेशान हैं। गर्मी और उमस से बचने के लिए हर व्यक्ति कूलर पंखे और ए सी का सहारा ले रहा है।
ग्रामीण अंचल में विद्युत विभाग की ओर से अघोषित विद्युत कटौती से बिजली का रोस्टर भी खराब है।
गांवों में गर्मी से बचने के लिए तमाम लोग बागों में बैठकर गर्मी भगाने की कोशिश कर रहे हैं।
झूठ साबित हुआ मौसम विभाग का अनुमान
अमेठी।  मौसम विभाग की ओर से 21जुलाई से 26जुलाई तक उत्तर प्रदेश में पचास से अधिक जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया था। अनुमान सच साबित नहीं हुआ है। पिछले चार दिनों से बारिश नहीं हो रही है।तेज धूप से लोग परेशान हैं।धान की रोपाई में पिछड़े किसानों को डीजल इंजन का सहारा लेना पड़ रहा है।
20जुलाई तक जिले में निर्धारित क्षेत्रफल के सापेक्ष लगभग सत्तर फीसदी धान की रोपाई का काम पूरा हुआ है।
कोट
जिले में चौदह मुख्य रजवाहे हैं। रोस्टर के अनुसार नहरों को संचालित किया जा रहा है।इस समय जायस, सिंहपुर, अमेठी, औरंगाबाद, सेमरौता, दौलतपुर और शाहमऊ रजवाहा में पानी चल रहा है।
इंजीनियर मनीष रंजन ,नोडल अधिकारी, सिंचाई विभाग
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