सिंगरौली

कोतवाली क्षेत्र के गनियारी में अवैध खनन पर प्रशासन की अनदेखी

ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट पर मौन खनिज व यातायात पुलिस, नाबालिग बच्चों के हाथों में स्टेरिंग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
 सिंगरौली । सिंगरौली जिले के वार्ड क्रमांक 41, गनियारी क्षेत्र में अवैध मुर्म खनन का खेल तेज़ी से चल रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के पास रोजाना भारी संख्या में ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनें गड़गड़ाहट के साथ खनन और परिवहन का काम करती नजर आती हैं। यह पूरा कारोबार खुलेआम हो रहा है, लेकिन आश्चर्यजनक बात यह है कि प्रशासन, खनिज विभाग और यातायात पुलिस सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे बैठे हैं। जहां एक ओर यातायात पुलिस सड़क पर बाइक सवार युवाओं पर कड़ी कार्रवाई कर उनके चालान काटती है, वहीं दूसरी ओर अवैध खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और बिना नंबर प्लेट के वाहन पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने से गुजरते रहते हैं, मगर उन पर कोई रोक-टोक नहीं होती। यह स्थिति स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करती है कि आखिर इन खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। क्या प्रशासनिक तंत्र जानबूझकर आंख मूंदे बैठा है या फिर इसमें कहीं न कहीं मिलीभगत है?
खनिज विभाग की खानापूर्ति..?
सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले खनिज विभाग ने गनियारी में छापेमारी कर कई ट्रैक्टर, जेसीबी और हाइवा ट्रकों को जब्त किया था। लेकिन कार्रवाई का असर स्थायी साबित नहीं हुआ। खनन माफिया इतने दबंग और बेखौफ हैं कि कुछ ही दिनों बाद दोबारा उसी स्थान पर अवैध खनन शुरू कर दिया गया। इससे साफ है कि विभागीय कार्रवाई महज खानापूर्ति बनकर रह गई है।
पर्यावरण और सड़कों पर भारी असर
गनियारी क्षेत्र में बिना अनुमति के खनन से जहां प्राकृतिक संरचना को नुकसान हो रहा है, वहीं मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। लगातार चल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली और भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों की हालत खस्ताहाल हो गई है। स्थानीय लोगों को रोजाना जाम और धूल-मिट्टी की समस्या झेलनी पड़ रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि खेतों और बेजुबान जानवरों को भी इन खनन माफियाओं के लापरवाह रवैये की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
नाबालिग बच्चों के हाथों में ट्रैक्टर की स्टेरिंग
इस अवैध कारोबार की सबसे भयावह तस्वीर तब सामने आती है जब नाबालिग बच्चों को ट्रैक्टर की स्टेरिंग संभालते देखा जाता है। शराब के नशे में धुत्त, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने वाले ये किशोर कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं। आए दिन मवेशी इन ट्रैक्टरों की चपेट में आकर घायल या मृत हो रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं।
सूचना पर भी कार्रवाई नहीं,,,?
स्थानीय लोग कई बार पुलिस और खनिज विभाग को अवैध खनन की जानकारी दे चुके हैं, लेकिन हर बार या तो कार्रवाई में देरी होती है या फिर टीम मौके पर पहुंचती ही नहीं। इससे लोगों के बीच यह धारणा बन गई है कि खनन माफिया और अधिकारियों के बीच गुप्त सांठगांठ है। यही वजह है कि प्रशासन का डर खत्म हो चुका है और खनन माफिया दिनदहाड़े अपना धंधा चला रहे हैं। गनियारी क्षेत्र में जिस तरह से अवैध खनन हो रहा है और नाबालिग ट्रैक्टर चलाते दिख रहे हैं, उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र के लोग लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और पुलिस वास्तव में इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए गंभीर है या फिर खनन माफियाओं की आड़ में कोई और खेल चल रहा है? स्थानीय लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करेगा, वरना आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना टाली नहीं जा सकेगी।
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