अमरोहा
अमरोहा में विवेचना में लापरवाही पर दो पुलिसकर्मी निलंबित
आत्महत्या के मामलों की जांच का मामला, एसपी ने की कार्रवाई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा में दो आत्महत्या मामलों की जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बड़ी कार्रवाई की है। हैंडलूम कारोबारी गुफरान और प्रॉपर्टी डीलर राहिल उस्मानी की आत्महत्या के मामलों के विवेचक एसएसआई अभिलाष प्रधान और अपराध इंस्पेक्टर रणदीप पुंडीर को निलंबित कर दिया गया है। उन पर विवेचना में गंभीर लापरवाही का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, हैंडलूम कारोबारी की मौत के मामले में एसएसआई अभिलाष प्रधान ने आरोपियों को हाईकोर्ट से स्टे लाने तक का समय दे दिया था और उनकी गिरफ्तारी का कोई प्रयास नहीं किया। इसी तरह, प्रॉपर्टी डीलर राहिल की मौत के मामले में अपराध इंस्पेक्टर रणदीप पुंडीर ने भी आरोपियों को गिरफ्तार करने में लापरवाही बरती। दोनों विवेचकों पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप भी लगे थे।
पहला मामला 24 अगस्त का है, जब अमरोहा के मोहल्ला नल अताउल्लाह के हैंडलूम कारोबारी गुफरान ने अपने घर में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट और एक वीडियो छोड़ा था, जिसमें मोहल्ला कोट निवासी फजल, सराय कोहना निवासी सोनू कबाब वाला, बबलू व मोहसिन, चाहमुल्लान निवासी अयूब बावर्ची, बटवाल निवासी तंजीम बेग, तलवार शाह निवासी सलीम और अपनी भाभी सना पर परेशान करने का आरोप लगाया था।
दूसरा मामला 11 सितंबर का है। शहर के मोहल्ला घेर पछय्या में रहने वाले पीएसी से सेवानिवृत्त सीओ ताहिर उस्मानी के बेटे और प्रॉपर्टी डीलर राहिल उस्मानी ने भी अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। राहिल ने आत्महत्या से पहले करीब 15 मिनट के दो वीडियो बनाए थे, जिनमें उन्होंने कारोबारी मोहम्मद ताहिर, आसिफ नमकीन, प्रॉपर्टी डीलर सतवंत और बिचौलिया बब्बू चिकन को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने इन चारों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया था।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि विवेचना में लापरवाही बरतने के कारण एसएसआई अभिलाष प्रधान और अपराध इंस्पेक्टर रणदीप पुंडीर को निलंबित किया गया है। इन दोनों मामलों की आगे की विवेचना अब इंस्पेक्टर पंकज तोमर करेंगे।


