झामूल सरपंच ने किसानो के साथ खेत पहुँचकर खराब हुई फसलों का किया निरिक्षण
खराब हुई फसलों का सर्वें करवाकर किसानो को मुआवजा राशि दे प्रदेश सरकार-सरपंच मरावी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बैहर तहसील के बिरसा जनपद पंचायत अन्तर्गत आने वाली ग्राम पंचायत झामूल में ग्राम सरपंच श्री गौतरिया मरावी व हल्का पटवारी निखिल धाकड़ के द्वारा अभी कुछ दिनों से हुई अनवरत बारीश के चलते फसल चौपट होने के कारण ग्रामीणों के साथ पंचायत अधिनस्थ ग्राम झामूल टोला,डूमर टोला,केवरा टोला,सिलती टोला,बनिया टोला व पीटर टोला का औचक निरीक्षण कर प्रशासन से किसानों के हित में मुवावजे कि मांग कि गई है।
विदित रहे कि पिछले दिनों रुक-रुक कर हुई बारिश ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है लगातार बारिश से खेतों में जगह-जगह पानी भर गया है धान की ख़डी फसल खराब हो चुकी है खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूबने से बाली में सड़न आने लगी है किसानों के अनुसार आई तेज आंधी और बारिश से फसले पहले ही प्रभावित हो चुकी है जिसके बाद शुरू हुई लगातार बारिश ने बची उम्मीद भी खत्म कर दी है तेज बारिश और आंधी ने फसलों को पूरी तरह चौपट कर दिया है तथा झामूल सरपंच श्री गौतरिया मरावी ने ग्राम कि स्थिति से सम्बंधित अधिकारियों को अवगत कराया था कि किसानो की खराब हुई फसलों का जल्द सर्वे करवारकर किसानों को मुआवजा दिया जाए तथा 4नवम्बर दिन मंगलवार को ग्राम सरपंच श्री गौतरिया मरावी व हल्का पटवारी निखिल धाकड़ के साथ खेत पहुँचकर नष्ट हुई फसलों का जायजा लिया जहां उन्होंने खेत में सड़ी हुई फसलों को हाथ में पकड़ कर देखा और जल्द ही सर्वें करवारकर किसानो को मुआवजा देने की बात कही इस दौरान ग्राम के सभी लोग उपस्थित रहे।
*प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सिर्फ कागजो में सिमित-गौतरिया*
झामूल सरपंच गौतरिया मरावी ने मिडिया से चर्चा में कहा की जैसे ही खेतो में फसले तैयार हुई फसलों में करपा लग गया बीमारिया लगना शुरू हो गई फिर दो दिनों तक लगातार बारिश शुरू हो गई जिससे फ़सल पूरी तरह नष्ट हो गई मैं भी एक किसान हुं,प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सिर्फ कागजों में किसानों को सुरक्षा देता है जिले में हजारों किसान पंजीकृत होने के बावजूद क्लेम भुगतान बहुत कम लोगों तक पहुंच पाता है बीमा कंपनी प्रीमियम तो समय पर वसूलती हैं लेकिन जब खेतों में नुकसान होता है तो सर्वे टीम भेजने में महीनो लगा देती है हमने किसानो के साथ खुद खेतो में पहुँचक़र वास्तविक स्थिति को देखा है किसानो की साल भर की मेहनत पानी में फिर गई है हम चाहते है की जिन जिन किसानों कि फसल का नुक़सान हुआ है उनको मुआवजा दिया जाये।

