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मधुबन कोल वाशरी में 25% फर्जी परियोजना प्रभावित परिवार के सदस्यों को बीसीसीएल प्रबंधन ने किया आउट सोर्सिंग में बहाल 

25% of fake project affected family members were reinstated in outsourcing by BCCL management at Madhuban Coal Washery.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
धनबाद। बीसीसीएल में आउट सोर्सिंग के तहत बहाली में प्रबंधन द्वारा किया जाता है मनमानी । वेतन एवं सुविधा में कार्यरत मजदूरों के साथ हो रहा हैं सौतेला व्यवहार । बाघमारा प्रखंड के हुरसोडीह, भीमकनाली मौजा के युवा विकास कुमार महतो ने बीसीसीएल, जिला के आला अधिकारियों सहित तमाम जनप्रतिनिधियों को पत्र प्रेषित करते हुए संविधान दिवस दिनांक 26 नवंबर के दिन रणधीर वर्मा अथवा गांधी सेवा सदन में आमरण अनशन करने की चेतावनी दिया है, अपने पत्र में विकास कुमार महतो ने कहा है कि उसकी जमीन मधुबन कोल वाशरी में अधिगृहीत हुई है, कम्पनी उसे PAP प्रमाण पत्र जो निरस्त किया है उसे पुनः जारी करते हुए आउट सोर्सिंग के तहत मधुबन कोल वाशरी में नौकरी प्रदान करें तथा 25% कर्मियों की बहाली को सार्वजनिक करें जो PAP कोटा से वाशरी में कार्यरत है । पत्र में मधुबन कोल वाशरी का जिक्र करते हुए विकास कुमार महतो ने बीसीसीएल पर आरोप लगाते हुए कहा कि PAP प्रमाण पहले बीसीसीएल ने उसे निर्गत किया था, परंतु जब उन्होंने कंपनी के नियमानुसार मधुबन कोल वाशरी में आउटसोर्सिंग पर नियोजन की मांग किया तो बताया गया कि PAP के रिजर्व कोटा से बीसीसीएल ने 25% बहाली कर लिया है एवं अभी उसके पास वेकेंसी नहीं है ।
कौन है विकास कुमार महतो:
विकास कुमार महतो की 76 डिसमिल पैतृक जमीन मधुबन कोल वाशरी में अधिग्रहण हुआ है, जो बाघमारा प्रखंड के भीमकनाली पंचायत में है । विकास कुमार महतो वाशरी के निकटम गांव हुरसोडीह का निवासी है । विकास कुमार महतो संविधान दिवस के दिन 26 नवंबर को महात्मा गांधी के स्टेच्यू के पास करेंगे सत्याग्रह आंदोलन करेंगे ।

विवाद की वजह :
बीसीसीएल ने पहले विकास कुमार महतो को PAP प्रमाण पत्र निर्गत किया, परंतु जब इन्होंने इस प्रमाण पत्र को प्रस्तुत करते हुए आउट सोर्सिंग में बहाली के प्रावधान के अनुसार मधुबन कोल वाशरी में हाई पावर कमेटी के वेतनमान के साथ रोजगार की मांग किया तो बीसीसीएल ने उसका PAP प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया । इससे झुब्ध होकर विकास कुमार महतो ने पहले बीसीसीएल से आरटीआई एक्ट 2005 के तहत सूचना मांगा परंतु जब बीसीसीएल ने सूचना देने देने में आना कानी करने लगा तो विकास को यह आभास हुई कि आउट सोर्सिंग में नौकरी प्रक्रिया में पारदर्शी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण उसके जैसे रैयत, स्थानीय लोग जिनकी जमीन बीसीसीएल में गई है परंतु उसके कोटा में बहाल आउट सोर्सिंग में बाहरी लोग बहाल हो रहें है । इस व्यवस्था से झुब्ध होकर विकास ने सत्याग्रह आंदोलन का राह को अख्तियार किया । मालूम हो कि इस आंदोलन की सूचना जिला के सभी स्तर के जन प्रतिनिधियों के साथ राज्य के आला अधिकारियों को दी गई है । आंदोलन “ग्राम स्वराज अभियान” के बैनर तले की जा रही है, जो रणधीर वर्मा चौक अथवा गांधी सेवा सदन के परिसर में किया जाएगा । विकास ने बताया कि यदि जिला प्रशासन इस आंदोलन की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं देती है तो भी सत्याग्रह किया जाएगा, पुलिस आंदोलन से पूर्व अगर गिरफ्तार कर न्यायायिक कस्टडी में लेती है तो वहां भी मैं आमरण अनशन कर संवैधानिक अधिकार की मांग करता रहूंगा ।

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