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अखिलेश यादव बोले- यूपी के एक्जिट पोल में क्या दिखा रहे थे

सब हरा रहे थे हमें...हुआ क्या? पढ़ें पूरा बयान

लखनऊ । अखिलेश यादव ने कहा है कि एसआईआर में आधार की मान्यता के लिए सपा सुप्रीम कोर्ट जाएगी। पार्टी का मत है कि आधार की हर हाल में अनिवार्यता होनी चाहिए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ के सपा कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, भाजपा वाले नकल करने में बहुत आगे हैं और कुछ कर नहीं सकते। बस प्रचार करते हैं। कभी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट बताएंगे। कभी ये बताएंगे कि यूनेस्को ने नाम दर्ज कर लिया। लखनऊ में कौन सा खाना प्रसिद्ध है, यह नहीं बताएंगे?
सरकार जरूरी बात पर कुछ नहीं बोल रही। किसानों की मंडियों की ओर नहीं सोच रही। जब बोलती है बस कम्युनल। नई पीढ़ी सबको साथ लेकर चलना चाहती है। उसका व्यवहार दोस्ताना होता है। सोच बड़ी होती है। हर धर्म के प्रति सहिष्णु होती है।
सबके लिए प्रेम होता है। पर्यावरण की समस्या को समझती है। इंसानियत से भरी होती है। अमन चैन और तरक्की चाहती है। लेकिन ऐसी सरकार है जो खुद भी दुखी है और लोगों को भी दुखी रखना चाहती है। ये सरकार एक्सप्रेस-वे को बलिया से जोड़ देती तो कितना बेहतर होता।
भाजपा चैनलों का इस्तेमाल करती है
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मंगलवार को आए एक्जिट पोल में एनडीए को बढ़त दिखाए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल केवल भूमिका बना रहे ताकि ये लोग बेईमानी कर सकें। यूपी के एक्जिट पोल में क्या दिखा रहे थे। सब हरा रहे थे हमें। हुआ क्या? फरुर्खाबाद में उस समय के डीएम ने बेइमानी की। 2022 में कन्नौज सीट पर डीएम ने बेइमानी की। ये हमें और आपको स्वीकार करना पड़ेगा कि भाजपा एग्जिट पोल और चैनलों का इस्तेमाल नैरेटिव सेट करने के लिए इस्तेमाल करती है।
आप चीन पर टैरिफ क्यों नहीं लगा रहे-इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि सरकार स्वदेशी का चूर्ण खिला रही है। ये स्वदेशी का नारा हमें और आपको गुमराह करने का है। ये लोग मन से विदेशी हैं और अगर मन से विदेशी हैं तो आप चीन पर टैरिफ क्यों नहीं लगा रहे। कुछ जगह चढ़ावे में सोना का दाना चढ़ रहा है। अभी सुनने में आया कि राज्य में किसान के लिए एग्रीकल्चर डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया गया। ये इससे रियल टाइम अवेलेबिलिटी की बात कर रहे। लेकिन, जमीन पर कुछ उपलब्ध नहीं करा रहे। ये सरकार जमीन और खाद की लूट कर रही। ये सरकार किसानों के प्रति ईमानदार नहीं रही। ये प्लेटफार्म 9 साल पहले क्यों नहीं बनाया।

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