मुख्य सचिव के पत्र का हवाला देकर खिलाड़ियों ने उठाई आवाज।
स्टेडियम को न बनाया जाए हेलीपैड।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
विदिशा। एक तरफ जहाँ प्रशासन सांसद खेल महोत्सव,खेलो एमपी जैसे आयोजनों के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने का दम भर रहा है, वहीं दूसरी तरफ विदिशा के मुख्य खेल स्टेडियम को हेलीपैडमें तब्दील करने की तैयारी ने खिलाड़ियों में आक्रोश है। सोमवार को खेल परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम के समापन के तुरंत बाद, खिलाड़ियों और युवाओं ने विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर स्टेडियम में हेलीपैड ना बनाने की मांग की है,
खिलाड़ियों का तर्क है कि 12 जनवरी से खेलो एमपी प्रतियोगिताएं शुरू हो रही हैं और बड़ी संख्या में युवा पुलिस भर्ती के फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं। हेलीपैड और सुरक्षा कारणों से मैदान प्रतिबंधित होने पर इन युवाओं का भविष्य अधर में लटक जाएगा। खिलाड़ियों ने शासन के मुख्य सचिव के उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि खेल मैदानों पर राजनीतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक आयोजन किसी भी स्थिति में न किए जावे। ज्ञापन में नई मंडी परिसर और S.A.T.I. कॉलेज के वैकल्पिक स्थलों का सुझाव देते हुए कहा कि पूर्व में भी अतिविशिष्ट व्यक्तियों के हेलीकॉप्टर वहां उतरते रहे हैं। लक्ष्मीनारायण कुशवाहा, महेंद्र पासी,विकास थापा रविकांत नामदेव और पंकज भार्गव सहित अन्य युवाओं ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया है कि प्रशासन कड़ी मेहनत से तैयार किए गए मैदान को क्षतिग्रस्त ना होने दें अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह नियमों का पालन करता है या खिलाड़ियों की मांग को अनसुना।




