मंदिर की जमीन पर कब्जे का आरोप पैमाइश किए बिना लौट गई राजस्व टीम

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
संभल/धनारी। थाना धनारी क्षेत्र के ग्राम छपरा में मंदिर की भूमि को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हनुमान जी, शनिदेव और शिव मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत के बावजूद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना पैमाइश किए ही औपचारिक कार्रवाई पूरी कर दी और कथित रूप से विवादित पक्ष को लाभ पहुंचाकर लौट गई। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया है।
ग्रामीणों के अनुसार गाटा संख्या 42 में दर्ज मंदिर की भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया है। इस संबंध में ग्रामीण गम्भीर सिंह पुत्र डोरी सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत के बाद मंगलवार को तहसील प्रशासन, लेखपाल और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन की वास्तविक पैमाइश किए बिना ही खंभे गाड़कर ठियाबंदी कर दी गई और टीम मौके से चली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारियों से बिना पैमाइश किए कार्रवाई करने का कारण पूछा गया तो किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया और मौके पर काफी देर तक बहस होती रही। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब शिकायतकर्ता गम्भीर सिंह ने थाना धनारी में एक और तहरीर देकर आरोप लगाया कि सीमांकन के दौरान उनके पास मौजूद जमीन से संबंधित लेखा-जोखा की डायरी और नक्शा गांव के भानु पुत्र सुरेंद्र तथा सत्यजीत पुत्र जगपाल छीनकर ले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना पुलिस और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में हुई, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस भूमि की नापतोल होनी थी, वहां किसी प्रकार की विधिवत पैमाइश नहीं की गई और बिना माप के ही सीमांकन कर दिया गया। इससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
वहीं जब इस पूरे मामले में उपजिलाधिकारी गुन्नौर विकास चंद्र से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें फिलहाल मामले की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी शिकायत सामने आई है तो उसकी जांच कराई जाएगी और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मंदिर की भूमि को लेकर गांव में माहौल गर्म है। एक ओर ग्रामीण प्रशासन पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर राजस्व विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




