गाजियाबाद

लोनी की लाडली व विधायक का ‘लंदन’ मार्ग

जहां सड़क नहीं, साहस की परीक्षा होती है!

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर से बेहटा हाजीपुर गांव तक नहर किनारे बन रहा आरआरसी संपर्क मार्ग इन दिनों विकास नहीं, बल्कि दुर्गति का प्रतीक बन चुका है। हालत यह है कि एक पटरी पर निर्माण कार्य के चलते आवागमन पूरी तरह ठप है, तो दूसरी पटरी पर बारिश के बाद हुआ जलभराव, कीचड़ और मिट्टी की रपटन लोगों के लिए किसी एडवेंचर ट्रैक से कम नहीं।
नहर की इस पटरी पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और उनमें भरा पानी रोज़ी-रोटी के लिए दिल्ली जाने वाले हजारों नागरिकों की राह में रोड़ा बने हुए हैं। गुलाब वाटिका, जवाहर नगर, सरस्वती बिहार, लाल मंदिर, बेहटा हाजीपुर गांव और विकास कुंज के लोग हर दिन फिसलने, गिरने और चोटिल होने के डर के वावजूद भी इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। सुरक्षित घर पहुंचने के लिए कई लोगों को अतिरिक्त संपर्क मार्गों का चक्कर भी लगाना पड़ रहा है।
दिलचस्प यह है कि इस मार्ग के निर्माण कार्य का उद्घाटन लगभग चार माह पूर्व नगरपालिका चेयरमैन रंजीता धामा द्वारा बड़े जोर-शोर से किया गया था। उद्घाटन तो हो गया, लेकिन लगता है उसके बाद निर्माण कार्य फाइलों में ही भटक गया। स्थानीय सभासद अंकुश जैन ‘मिकू’ लगातार इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन उनके प्रयासों को अधिशासी अधिकारी और चेयरमैन स्तर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
बारिश ने हालात और बदतर कर दिए हैं। नहर में कीचड़ और गंदगी का ऐसा “साम्राज्य” फैला है कि बदबू और फिसलन साथ-साथ चलती हैं। इधर, सोशल मीडिया पर जनता ने भी हालात का पूरा हिसाब चुकता करना शुरू कर दिया है। व्हाट्सएप ग्रुपों में फोटो डालकर कोई इस मार्ग को “दौड़ का मैदान” बता रहा है, तो कोई इसे “विधायक का लंदन” घोषित कर चुका है।
कुछ व्यंग्यबाण सीधे चेयरमैन की ओर भी हैं—लोग लिख रहे हैं, “लोनी की लाडली का संपर्क मार्ग”, क्योंकि चेयरमैन को भी अपने कार्यालय तक आने-जाने में आम आदमी जैसी परेशानी  झेलनी पड़ती।
अब सवाल यह है कि इस मार्ग पर कब निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, और कब तक जनता की सहनशक्ति का ट्रायल वर्ज़न इस तरह चलता रहेगा
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