
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : अंकुर बिहार थाने में कानून-व्यवस्था का एक नया मॉडल देखने को मिल रहा है, जहां घटना से ज्यादा उसकी ‘वीडियो क्वालिटी’ मायने रखती है। 20 अप्रैल को सनम नाम की लड़की को मोहल्ले का युवक फाजिल कथित तौर पर लेकर फरार हो गया। परिजनों ने जब इस मामले की शिकायत अंकुर विहार थाने में की, तो कहानी यहीं खत्म नहीं हुई बल्कि असली ‘एक्शन सीन’ तो इसके बाद शुरू हुआ।
आरोप है कि लड़के के मामा सलीम ने अंकुर विहार एन्क्लेव फेस-2 लडकी की गली में पहुंचकर न सिर्फ कार्रवाई न करने की धमकी दी, बल्कि माहौल को ‘साउंड इफेक्ट’ देने के लिए हवाई फायरिंग भी कर डाली। अब मोहल्ले वालों को लगा कि पुलिस हरकत में आएगी, लेकिन यहां तो मामला उल्टा ही निकला।
पुलिस का कहना है—“गोली चली? सबूत दिखाइए!”
अब बेचारे लोग सोच में पड़ गए हैं कि अगली बार गोली चले तो पहले कैमरा ऑन करें या जान बचाएं। कालोनी में
24 अप्रैल को घटित इस घटना के बाद आज दर्जन भर महिलाओं ने अंकुर बिहार थाने पहुंचकर गोली चलाने की शिकायत थाना प्रभारी से की, लेकिन थाना प्रभारी बिना ‘ठोस सबूत’ के महिलाओं की बात मानने को तैयार नहीं हुए। उल्टा, शिकायत लेकर पहुंची महिला रोशन पत्नी नज़ाकत को ही अपने कक्ष से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। शिकायत लेकर पहुंची महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने गोली चलाने वाले सलीम का चालान शांति भंग की धाराओं में कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। पुलिस द्वारा इस मामले में लीपापोती करने के कारण
मोहल्ले में अब डर का माहौल है, लेकिन थाने में ‘सबूतों की शांति’ कायम है। लगता है अंकुर विहार में अब न्याय नहीं, बल्कि HD क्वालिटी सबूत ही असली पहचान बन चुका है।


