नींबू का आचार बनाना सिखाया

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। कृषि महाविद्यालय भुसावर पर ग्रामीण उद्यमिता कृषि जागरूकता योजनान्तर्गत विद्यार्थियों को नींबू का स्क्वैश व अचार बनाना सिखाया गया। महाविद्यालय के डीन डॉ उदय भान सिंह ने बताया कि उचित प्रोसेसिंग के अभाव में लगभग एक-तिहाई फल-सब्जी तुडाई पश्चात खराब हो जाते हैं। यह देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उचित प्रोसेसिंग करके फल-सब्जी खराब होने से बचाऐं जा सकते हंै, उनका मूल्य संवर्धन होता है तथा ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं व महिलाओं को रोजगार मिलता है। कृषि महाविद्यालय भुसावर पर सघन प्रशिक्षण के तहत विद्यार्थियों को प्रोसेसिंग, नर्सरी प्रबंधन, वाणिज्यक बागवानी, वायोफर्टीलाइजर व बायोपेस्टीसाइड बनाने सहित ग्रामीण क्षेत्र के संभावित रोजगारों की प्रायोगिक जानकारी दी जा रही है। प्रयोगशाला सहायक गीता गवारिया ने बताया कि फल एवं सब्जियों की प्रोसेसिंग करने से किसान का लाभ 3 से 4 गुना बढ़ जाता है। इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाऐं है। फल एवं सब्जियों को सुखाकर जैम, जैली, मुरब्बा, कैण्डी, सॉस, चटनी, पेय पदार्थ, आलू की चिप्स आदि बनाकर बेचना ज्यादा लाभकारी है। अतः प्रोसेसिंग के क्षेत्र में किसानों को उचित प्रशिक्षण व संसाधनों की जरूरत है। इस अवसर पर कृषि स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


