बेतुल

बैतूल के लोक कलाकारों ने राष्ट्रीय मंच पर दी दस्तक

सीसीआरटी जूनियर फेलोशिप साक्षात्कार में दिखाया हुनर

थाठिया और डंडार नृत्य पर रखा शोध प्रस्ताव
नरेंद्र धुर्वे और महेश इंगले ने दिल्ली में रखी बैतूल की लोकसंस्कृति की मजबूत दावेदारी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
बैतूल। जिले के लोक कलाकार नरेंद्र धुर्वे एवं महेश इंगले ने नई दिल्ली स्थित सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) की जूनियर फेलोशिप हेतु आयोजित वर्चुअल साक्षात्कार में सहभागिता कर जिले का मान बढ़ाया है। यह प्रक्रिया देश की प्रतिष्ठित शोध फेलोशिप में शामिल है, जिसमें पूरे भारत से लगभग 200 प्रतिभागियों का चयन किया जाता है। साक्षात्कार प्रक्रिया में विभिन्न राज्यों के विशेषज्ञ शोधनकर्ता इंटरव्यूअर के रूप में शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों के शोध प्रस्तावों और विषय की गहराई को परखा।
लोक कलाकार नरेंद्र धुर्वे ने बैतूल अंचल की पारंपरिक थाठिया नृत्य शैली पर अपना शोध प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जबकि महेश इंगले ने जनजातीय परंपरा से जुड़े डंडार नृत्य पर विस्तृत अध्ययन का प्रस्ताव रखा। दोनों कलाकारों का उद्देश्य बैतूल की समृद्ध लोककला और लोकसंस्कृति का संरक्षण करते हुए युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है। साथ ही वे स्थानीय लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए शोध कार्य के माध्यम से ठोस पहल करना चाहते हैं। उनके इस प्रयास से जिले के कला जगत में उत्साह का माहौल है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button