बागपत
सेवा, समर्पण और विशेषज्ञता का संगम — एक विशेष इंटरव्यू
डॉ नीरज मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बड़ौत

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
बड़ौत/बागपत : बड़ौत, जो कभी सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाना जाता था, आज धीरे-धीरे आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की ओर बढ़ रहा है। इस बदलाव में एक अहम नाम है — डॉ नीरज मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल। दिल्ली-सहारनपुर रोड पर स्थित यह अस्पताल अब न केवल बड़ौत बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी एक बड़ी उम्मीद बन चुका है।
आज हम बात कर रहे हैं इस अस्पताल के दो प्रमुख स्तंभों से —
डॉ सुधा रानी पनागर (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ)
डॉ पंकज कुमार (एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर एवं पेन मेडिसिन विशेषज्ञ)
सवाल-जवाब की शुरुआत
सवाल: सबसे पहले आप दोनों से जानना चाहेंगे कि बड़ौत जैसे कस्बे में इस स्तर का अस्पताल खोलने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
डॉ पंकज कुमार:
देखिए, बड़े शहरों में तो सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, लेकिन छोटे कस्बों में आज भी मरीजों को इलाज के लिए मेरठ, दिल्ली भागना पड़ता है। कई बार रास्ते में ही मरीज की हालत बिगड़ जाती है। हमने यही सोचा कि क्यों न ऐसी सुविधाएं बड़ौत में ही उपलब्ध कराई जाएं ताकि लोगों को समय पर इलाज मिल सके।
डॉ सुधा रानी पनागर:
मेरे लिए यह केवल एक प्रोफेशन नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है। जब मैंने सिम्स बिलासपुर में काम किया, तब देखा कि ग्रामीण महिलाएं सही समय पर इलाज न मिलने के कारण कितनी परेशान होती हैं। यही सोचकर मैंने बड़ौत को चुना।
महिलाओं की सेहत पर खास फोकस
सवाल: डॉ सुधा, महिलाओं से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या क्या देखती हैं आप?
डॉ सुधा रानी पनागर:
सबसे बड़ी समस्या है झिझक और जागरूकता की कमी। महिलाएं अपनी समस्या को नजरअंदाज करती रहती हैं और जब तक स्थिति गंभीर नहीं हो जाती, डॉक्टर के पास नहीं आतीं।
हम यहां प्रयास करते हैं कि हर महिला को सुरक्षित और सहज वातावरण मिले, ताकि वह खुलकर अपनी समस्या बता सके।
गर्भावस्था से लेकर जटिल ऑपरेशन तक — हर सुविधा यहां उपलब्ध है।
क्रिटिकल केयर और दर्द प्रबंधन की अहमियत
सवाल: डॉ पंकज, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर को अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं, इस पर आपकी क्या राय है?
डॉ पंकज कुमार:
बिल्कुल, यह चिकित्सा का सबसे महत्वपूर्ण लेकिन कम समझा जाने वाला क्षेत्र है।
ऑपरेशन सफल तभी होता है जब एनेस्थीसिया सही तरीके से दिया जाए।
ICU में मरीज की जिंदगी हर सेकंड की निगरानी पर निर्भर करती है।
हमारे अस्पताल में आधुनिक ICU और दर्द प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे मरीज को ऑपरेशन के बाद कम से कम पीड़ा हो।
आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदना
सवाल: आपके अस्पताल की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
डॉ पंकज कुमार:
हमारा फोकस सिर्फ मशीनों पर नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना पर भी है।
डॉ सुधा रानी पनागर:
यहां मरीज को केवल एक केस नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य समझा जाता है।
कम खर्च में बेहतर इलाज देना हमारा लक्ष्य है।
इमरजेंसी सेवाओं पर विशेष ध्यान
सवाल: इमरजेंसी के मामलों में आपकी क्या तैयारी रहती है?
डॉ पंकज कुमार:
हम 24×7 इमरजेंसी सेवाओं के लिए तैयार रहते हैं।
एक्सीडेंट केस
डिलीवरी इमरजेंसी
हार्ट और क्रिटिकल मरीज
हर स्थिति में हमारी टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए उम्मीद की किरण
सवाल: ग्रामीण मरीजों के लिए आपका संदेश?
डॉ सुधा रानी पनागर:
बीमारी को छुपाएं नहीं
समय पर जांच कराएं
गर्भावस्था में नियमित चेकअप बेहद जरूरी है
डॉ पंकज कुमार:
दर्द को सहने की आदत छोड़ें, इलाज कराएं
छोटे लक्षण भी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकते हैं
भविष्य की योजनाएं
सवाल: आगे की क्या योजनाएं हैं?
डॉ पंकज कुमार:
हम अस्पताल को और अधिक आधुनिक बनाना चाहते हैं, नई मशीनें लाना चाहते हैं।
डॉ सुधा रानी पनागर:
महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष हेल्थ कैंप चलाने की योजना है।
संवाददाता की कलम से
बड़ौत जैसे कस्बे में इस स्तर की चिकित्सा सुविधा एक बड़ी उपलब्धि है।
जहां एक ओर आधुनिक तकनीक है, वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों का मानवीय दृष्टिकोण — यही इस अस्पताल की असली पहचान है।
डॉ सुधा रानी पनागर और डॉ पंकज कुमार जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया है कि अब बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की दूरी कम हो रही है।
डॉ नीरज मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल आज केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि बड़ौत और आसपास के क्षेत्रों के लिए विश्वास और जीवन की नई उम्मीद बन चुका है।
जहां सेवा है, संवेदना है और सबसे बढ़कर — इंसानियत है।



