गाजियाबाद
गाजियाबाद के लोनी में बड़ा पर्दाफाश
अवैध लिंग परीक्षण रैकेट पर छापेमारी, अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : जिले में अवैध लिंग परीक्षण के मामलों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। बुधवार को गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग और PCPNDT (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostics Techniques Act) उत्तरी दिल्ली जिला टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर लोनी थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है।
सूत्रों के अनुसार टीम ने प्रशांत विहार कॉलोनी स्थित अलफला मस्जिद वाली गली में कमल नामक व्यक्ति के ठिकाने पर छापेमारी की, जहाँ लंबे समय से अवैध तरीके से भ्रूण लिंग परीक्षण किए जाने की सूचना मिली थी।
छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से निम्न सामग्री जब्त की—
अल्ट्रासाउंड मशीन,प्रैब लिंग परीक्षण उपकरण का हिस्सा,
8000 हजार रुपए नकद,एक मोबाइल फोन, अल्ट्रासाउंड उपयोग में लाई जाने वाली जेली
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी गर्भवती महिलाओं से पैसे लेकर गैरकानूनी तरीके से लिंग परीक्षण करता था, जो कानूनन दंडनीय है।
PCPNDT अधिनियम के तहत दर्ज होगा मुकदमा
लिंग परीक्षण पर भारत में PCPNDT एक्ट, 1994 के तहत पूर्ण प्रतिबंध है और इस तरह की गतिविधियों को गंभीर अपराध माना जाता है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पिछले कई हफ्तों से इलाके में अवैध अल्ट्रासाउंड और भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह के सक्रिय होने की शिकायतें मिल रही थीं। जाल बिछाकर टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
क्या कहा प्रशासन ने?
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया:
> “लिंग परीक्षण रोकने का कानून बेटियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। यह सिर्फ अपराध नहीं, समाज के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इस मामले में शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होगी।”
इलाके में चर्चा, और नाम सामने आने की संभावना
स्थानीय लोगों के अनुसार इस इलाके में लंबे समय से अवैध तरीके से अल्ट्रासाउंड जांच की गतिविधियाँ चल रही थीं। टीम के अनुसार आरोपी अकेला नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क इस अवैध गतिविधि में शामिल हो सकता है।
टीम अब फोन रिकॉर्ड और बरामद दस्तावेजों के आधार पर इस धंधे से अन्य जुड़े लोगों की पहचान में जुट गई है।
गर्भ में लिंग परीक्षण पर रोक के बावजूद यह कार्रवाई बताती है कि अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण अभी भी भूमिगत स्तर पर जारी है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी ऐसे ठिकानों पर कार्रवाई की जा सकती है।


