झुंझुनू

बाघोली के शाखा वाले नाले में उफान आने से काटली नदी के किनारे बनी एनएच 52 को जोड़ने वाली सड़क टूटने से यातायात बाधित

भारी बारिश होने से नालों में आया ऊफान

खेत हुए लबालब एनिकट बांधों में भी आया पानी डेढ़ घंटे तक बरसी तेज बारिश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
झुंझुनूं चंवरा। क्षेत्र में सोमवार तड़के 3  बजे के करीब तेज हवाओं के साथ डेड घंटे भारी बारिश आने से खेत लबालब हो गए। वही गांवों व खेतों का पानी उतरकर नालों में बहाव आया। चंवरा, हीरवाना, मैनपुरा, गढला, किशोरपुरा, ककराना, नेवरी, दीपपुरा, कांकरिया, मणकसास,बाघोली, जोधपुरा, सराय, रामनगर सहित कई गांवों में जमकर बारिश हुई। बरसात से
बाघोली नदी बस स्टैंड से पापड़ा – पचलंगी जहाज एनएच 52 को जोड़ने वाली ठिकरया तक जाने वाली सड़क पर सोमवार तड़के तीन बजे के करीब भारी वर्षा होने से बाघोली मणकसास सीमा पर काटली नदी के किनारे सड़क पर बनाए गए रपटें के पास शाखा वाले नाले में पानी का तेज बहाव आने से लगभग 40फीट लम्बाई ,10 मीटर चौड़ाई की सड़क पानी के कटाव से बह गई।  जिसके चलते 35 फ़ीट का गहरा गड्ढा पड़ गया। जिसके चलते बाघोली से पापडा पचलंगी झड़ाया जाने वाला मार्ग सुबह 8:30 के करीब बंद हो गया। इस रूट पर चलने वाली निजी बसों को दूसरे मार्ग रुट राजीवपुरा  से होकर निकालना पड़ा। यह सड़क बाघोली से ठिकारया एनएच 52  को जोड़ने वाली सड़क है जिसकी लम्बाई 10.5 किलोमीटर हैं। यह सड़क 1232 लाख की लागत से बनाईं गई है। यह सड़क बोर्ड पर लिखी
प्रारम्भ 30-7-23 ओर पूर्ण  कार्य 29-5-24 तक दर्शाया गया है।
संवेदक का नाम देवी सहाय एन्ड कम्पनी से है। अधिशाषी टी सी सैनी है। इस सड़क का गारंटी पीरियड 5 वर्ष का है। यह सड़क गारंटी पीरियड के बाद फरवरी 2025 में कार्य पूरा हुआ है। अभी तक इस सड़क का उद्घाटन भी नहीं किया गया है इससे पहले ही बारिश में पानी के साथ बह गई। सड़क के किनारे बिजली के खड़ा किया गया पोल पानी के बहाव व कटाव से गिर कर टूट गया। यह बाघोली जीएसएस से पचलंगी जाने वाली सीटी लाईन का पोल है। पोल टूटने से पचलंगी की सप्लाई बाधित रही। सड़क टूटने का कारण खनन माफियाओं ने सड़क के दोनों तरफ बजरी निकाल कर 50 से 60 फीट तक के गहरे गड्ढे बना देना। पीडब्ल्यूडी विभाग ने नदी के बहाव की साईड में बाघोली नदी बस स्टैंड से लेकर शाखा वाले नाले के रपटें तक कोई सेफ्टी दीवार न बनाना। सड़क में घटिया सामग्री काम में लेना।नदी के बहाव की साईड में ऐसे ही छोड़ दिया। उस साईड में गहरे गड्ढे बने हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क ठेकेदार माप नाप के हिसाब से सड़क में निर्माण कार्य करता तो यह सड़क बनते ही नहीं टूटती। सड़क के नदी की तरफ सेफ्टी द्वारा व टूटी सड़क पर शीघ्र निर्माण करवाने की मांग की है।
इस दौरान लीलाधर सैनी,किशन लाल सैनी, दीपक मीणा, धन्ना राम, राकेश सैनी, सुभाष चन्द्र, बीएल सैनी, ब्रह्मदत्त मीणा आदि ने आक्रोश जताया।
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